औषधि निरीक्षकों द्वारा पोर्टल पर लाइसेंस के लिए आने वाले आवेदनों की जांच के बाद सभी तरह की कमियां एक बार में ही बतानी होगी। फर्म में जितने लोगों का नाम शामिल होगा, उन सभी का विवरण जांचा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि उनमें शामिल कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं है, जो पहले लाइसेंस लिया हो और नारकोटिक्स एक्ट में उसका लाइसेंस निरस्त हुआ है। औषधि निरीक्षक द्वारा जांच के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रस्तावित प्रतिष्ठान किसी अवासीय मकान/पूर्णतः रिहायशी क्षेत्र में स्थित न हो। औषधि निरीक्षक को किसी तरह कमी पाए जाने पर पूरा विवरण देना होगा। सहायक आयुक्त को स्वीकृत आवेदनों में 10 फीसदी की रैंडम जांच करनी होगी। भौतिक सत्यापन के दौरान कमियां पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने अथवा औषधि निरीक्षक की आपत्ति से संतुष्ट नहीं होने पर जरूरी कमियां दूर कराएंगे। फिर लाइसेंस जारी किया जाएगा।