Minors rescued in punjab mail: घरेलू कार्यों के लिए पश्चिम बंगाल से पंजाब ले जाए जा रहे चार नाबालिगों को आरपीएफ ने बचाया। इन सभी को पंजाब मेल ट्रेन से उतारा गया।
घरेलू कार्यों के लिए पश्चिम बंगाल से पंजाब ले जाए जा रहे चार नाबालिगों को आरपीएफ ने बचाया। आरपीएफ ने उन्हें मुक्त करवाकर बच्चों को ले जाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा। साथ ही बच्चों को बाल संरक्षण गृह भेजकर अभिभावकों को सूचित कर दिया।
विज्ञापन
मामला पंजाब मेल का है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ट्रेनों की जांच कर रही थी। इसी बीच हावड़ा से पंजाब जा रही पंजाब मेल की जनरल बोगी में आरपीएफ को चार नाबालिग बच्चे मिले, जिनकी उम्र आठ से दस साल थी। बच्चों को अकेला देखकर आरपीएफ जवानों ने उनसे पूछताछ की।
इस पर बच्चों ने बतायाकि उन्हें पठानकोट, पंजाब ले जाया जा रहा है। जहां उनसे घरों में काम कराया जाएगा और इसके एजव में प्रतिमाह दस हजार रुपये मिलेंगे। आरपीएफ ने बच्चों से उन्हें ले जाने वाले के बारे में पूछा। इस पर बच्चों ने पास की सीट पर बैठे व्यक्ति की ओर इशारा किया। आरपीएफ टीम ने उस व्यक्ति सहित चारों बच्चों को ट्रेन से उतार लिया।
विज्ञापन
चारों बच्चे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी चौबीस परगना निवासी हैं। सुशांत सरदार को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया, वह भी चौबीस परगना निवासी है। आरपीएफ इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुशांत सरदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। चारों बच्चों को बाल संरक्षण गृह भेजते हुए उनके अभिभावकों को सूचित किया गया है।