उनकी सक्रियता नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के प्रभाव क्षेत्र में भी देखी जा रही है। रोहिणी पहले उनके संपर्क में रही हैं। बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और उन्होंने चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए। चंद्रशेखर का पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बता चुका है। रोहिणी पश्चिमी यूपी समेत करीब 21 सीटों पर वाल्मीकि समाज के बीच सक्रियता बढ़ाने की बात कह रही हैं। आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ और कानपुर की कुछ सीटें उनके फोकस में बताई जा रही हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर ने 17 सितंबर को गोंडा जाने की घोषणा की। वह बाराबंकी के रास्ते हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं व उनके परिवार से मिलेंगे। वह बाराबंकी पुलिस से अब तक की कार्रवाई रिपोर्ट भी लेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा। बाराबंकी में कार्यकर्ताओं पर हुई हिंसा पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कई वीडियो सामने आने के बावजूद केस दर्ज नहीं हुआ। चंद्रशेखर ने पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने बाहरी दबाव से पुलिस कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका जताई। चंद्रशेखर पहले भी गोंडा जाकर हिंसा प्रभावित परिवारों से मिल चुके हैं। उनके दोबारा गोंडा जाने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।