तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण दूसरे प्रदेशों में रह रहे प्रदेश के लोगों ने लौटना शुरू कर दिया है। दिल्ली से आने वालों की संख्या ज्यादा है। पंजाब और हरियाणा से भी प्रदेश के लोग दिल्ली के रास्ते लौट रहे हैं। इन्हें घर पहुंचाने के लिए परिवहन निगम का अमला सक्रिय हो गया है।
तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण दूसरे प्रदेशों में रह रहे प्रदेश के लोगों ने लौटना शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव के कारण भी लौटने वाले प्रवासियों की संख्या बढ़ी है। खास तौर पर दिल्ली से आने वालों की संख्या ज्यादा है। पंजाब और हरियाणा से भी प्रदेश के लोग दिल्ली के रास्ते लौट रहे हैं। इन्हें घर पहुंचाने के लिए परिवहन निगम का अमला सक्रिय हो गया है।
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पिछले साल लॉकडाउन के बाद मची अफरा तफरी से सबक लेते हुए इस बार परिवहन निगम प्रबंधन पहले से सतर्क है। एकाएक दबाव न बढ़े इसके मद्देनजर दिल्ली से प्रदेश के लिए ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। यही नहीं मुंबई और अन्य राज्यों से आने वाली ट्रेनों से लखनऊ तथा अन्य बड़े शहरों में पहुंच रहे लोगों को स्टेशन से सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए भी बसों का इंतजाम किया गया है।
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के आनंद विहार और कौशांबी से प्रवासियों को लाने के लिए बसों की संख्या में इजाफा किया गया है। बृहस्पतिवार को इन दोनों जगहों से करीब 1100 बसों से 40 हज़ार से ज्यादा लोगों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाया गया। शुक्रवार को यूपी आने वाले प्रवासियों की संख्या में और ज्यादा इजाफा हो गया। इसे देखते हुए 1400 से ज्यादा बसों का संचालन किया जा रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार इन बसों से 70 से 75 हजार लोगों को प्रदेश में लाया जा रहा है। लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर 53 बसें ट्रेन से आने वाले प्रवासियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए लगाई गई थीं। शुक्रवार को ट्रेन से आने वाले प्रवासियों की संख्या बहुत ज्यादा न होने की वजह से स्टेशन से 25 से 30 बसों का ही संचालन दूसरे जिलों के लिए किया गया।
दिल्ली से आने वाले प्रवासियों के लिए पर्याप्त संख्या में बसों का इंतजाम किया गया है। आज से 1400 बसों का संचालन हो रहा है। लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी आवश्यकतानुसार बसें लगाई गई हैं। कोशिश है कि प्रवासियों को बिना किसी असुविधा के उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जाए।