26 अगस्त 2013 को एनसीबी की टीम ने सिमरन फार्मा के मालिक बलजीत सिंह के पास से 52.49 लाख रुपये जब्त किए थे। 16 जून 2015 को जब मालखाना में रखी नकदी की गिनती की गई, तो उसमें से 42.23 लाख रुपये गायब पाए गए। अफसर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक सेवानिवृत्त इंटेलिजेंस अफसर को 42.23 लाख रुपये के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब दस साल पुराना है।
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ईओडब्ल्यू के अनुसार, राजेंद्र कुमार दुबे 2013 में एनसीबी के महानगर कार्यालय में इंटेलिजेंस अफसर और मालखाना प्रभारी के पद पर तैनात थे। 26 अगस्त 2013 को एनसीबी की टीम ने सिमरन फार्मा के मालिक बलजीत सिंह के पास से 52.49 लाख रुपये जब्त किए थे। यह रकम मालखाना में जमा कराई गई थी।
16 जून 2015 को जब मालखाना में रखी नकदी की गिनती की गई, तो उसमें से 42.23 लाख रुपये गायब पाए गए। विभागीय जांच में राजेंद्र कुमार दुबे सहित पांच लोगों को दोषी पाया गया। इसके बाद महानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
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बाद में शासन के आदेश पर मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। विवेचना के दौरान ईओडब्ल्यू को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिनमें राजेंद्र कुमार दुबे की भूमिका स्पष्ट पाई गई। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।