आईटीआई संस्थानों में नहीं बढ़ेगी फीस।
प्रदेश के निजी व पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल में वर्तमान सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले लाखों छात्रों को शासन ने बड़ी राहत दी है। शासन ने नए सत्र में भी मानक शुल्क न बढ़ाने का निर्णय लिया है। पूर्व में जारी शुल्क ही इस साल भी लिया जाएगा।
प्रदेश की 2932 निजी व 29 पीपीपी मॉडल की आईटीआई में लगभग 2.50 लाख सीटें हैं। इन पर प्रवेश के लिए प्रक्रिया चल रही है। इस बीच निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शासन को पत्र देकर कई साल से शुल्क न बढ़ने का मुद्दा उठाया था। इस पर शासन की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था। वहीं अन्य राज्यों से शुल्क की तुलना करने का निर्देश दिया था।
किंतु अन्य राज्यों का विवरण मिलने तक प्रदेश में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई। इसे देखते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के संयुक्त सचिव मनोज वर्मा की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि निजी व पीपीपी आईटीआई के लिए निर्धारित किए गए मानक शुल्क व शर्त को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में भी लागू रखने का निर्णय लिया गया है।
ऐसे में इस साल भी शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इससे यहां पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार वर्तमान में निजी व पीपीपी मॉडल की आईटीआई में गैर इंजीनियरिंग ट्रेडों में 15400 और इंजीनियरिंग ट्रेडों में 18000 रुपये सालाना मानक शुल्क लिया जाता है। जबकि सरकारी आईटीआई में पहले से ही 40 रुपये सालाना शुल्क पर युवाओं की पढ़ाई कराई जाती है।