फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: छात्रों के लिए राहत की खबर, निजी और पीपीपी मॉड्यूल वाले आईटीआई में नहीं बढ़ेगा शुल्क; आदेश जारी

Mon, 28 Jul 2025 09:58 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

ITI institutes of UP: प्रदेश के निजी व पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल वाले आईटीआई संस्थानों में इस सत्र से भी प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ेगा। 
विज्ञापन
आईटीआई संस्थानों में नहीं बढ़ेगी फीस।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश के निजी व पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल में वर्तमान सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले लाखों छात्रों को शासन ने बड़ी राहत दी है। शासन ने नए सत्र में भी मानक शुल्क न बढ़ाने का निर्णय लिया है। पूर्व में जारी शुल्क ही इस साल भी लिया जाएगा।

विज्ञापन


प्रदेश की 2932 निजी व 29 पीपीपी मॉडल की आईटीआई में लगभग 2.50 लाख सीटें हैं। इन पर प्रवेश के लिए प्रक्रिया चल रही है। इस बीच निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शासन को पत्र देकर कई साल से शुल्क न बढ़ने का मुद्दा उठाया था। इस पर शासन की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था। वहीं अन्य राज्यों से शुल्क की तुलना करने का निर्देश दिया था।

किंतु अन्य राज्यों का विवरण मिलने तक प्रदेश में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई। इसे देखते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के संयुक्त सचिव मनोज वर्मा की ओर से सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि निजी व पीपीपी आईटीआई के लिए निर्धारित किए गए मानक शुल्क व शर्त को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में भी लागू रखने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन


ऐसे में इस साल भी शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इससे यहां पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार वर्तमान में निजी व पीपीपी मॉडल की आईटीआई में गैर इंजीनियरिंग ट्रेडों में 15400 और इंजीनियरिंग ट्रेडों में 18000 रुपये सालाना मानक शुल्क लिया जाता है। जबकि सरकारी आईटीआई में पहले से ही 40 रुपये सालाना शुल्क पर युवाओं की पढ़ाई कराई जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें