विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेगा
नन्दी ने कहा कि यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम-2026 इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो प्रदेश में विकास को नियंत्रित करने के बजाय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में जो भी समस्यायें आ रही हों, उन्हें शासन स्तर से दूर किया जाए।
नए मॉडल भवन विनियम-2026 के तहत-भू-आच्छादन, सेटबैक और पार्किंग मानकों को तर्कसंगत बनाया गया है। विभिन्न श्रेणियों में एफएआर में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सड़क की चौड़ाई के आधार पर एफएआर को बढ़ाया गया है। 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर एफएआर की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। इससे सीमित भूमि पर अधिक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मॉडल भवन विनियमों में फ्लैटेड फैक्टरी, एमएसएमई इकाइयां, गैर-एमएसएमई उद्योग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स इकाइयों व डाटा सेंटर को शामिल किया गया है। चार एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा का प्रावधान है। डाटा सेंटर के लिए अतिरिक्त एफएआर और पार्किंग मानकों में राहत दी गई है।
आवासीय क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड विकास और मल्टी यूनिट आवास के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। प्रमुख प्रावधानों में-ग्रुप हाउसिंग के लिए न्यूनतम भूखंड आकार 2000 वर्गमीटर निर्धारित, 300 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर मल्टी यूनिट श्रेणी का प्रावधान, 1500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर पोडियम पार्किंग की अनुमति, प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के किफायती आवास मानकों को शामिल किया गया है।
पिक-अप ड्रॉप-ऑफ जोन की व्यवस्था
इस व्यवस्था से वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए-12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर वाणिज्यिक भवनों की अनुमति, 20 कमरों तक के होटलों के लिए न्यूनतम भूखंड आकार की बाध्यता समाप्त, बड़े होटलों के लिए न्यूनतम 500 वर्गमीटर भूखंड निर्धारित, आईटी/आईटीईएस, कार्यालय और सर्विस अपार्टमेंट के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए अलग मानक निर्धारित किए गए हैं। एम्बुलेंस पार्किंग का प्रावधान किया गया है। शैक्षणिक संस्थानों के लिए नर्सरी से विश्वविद्यालय स्तर तक भूखंड आकार को तर्कसंगत बनाया गया है। स्कूल बस पार्किंग और पिक-अप ड्रॉप-ऑफ जोन की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनन्द सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।