प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में नए सत्र 2026-27 में सत्र नियमितीकरण पर जोर होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार शैक्षिक कैलेंडर में सत्र नियमितीकरण को लेकर जिम्मेदारी तय की है। विभाग ने कहा है कि अगर समय से प्रवेश कार्य नहीं होता है तो संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और समय से परीक्षा न होने पर परीक्षा नियंत्रक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा है कि प्रवेश कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने का उत्तरदायित्व कुलसचिव का है। किसी भी प्रकार की देरी के लिए कुलसचिव की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। इसी प्रकार उन्होंने कहा है कि सेमेस्टर परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न परीक्षाओं के लिए महाविद्यालयों को केंद्र बनाया जाता है। इससे उसका शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार की परीक्षा निर्धारित समय में ही आयोजित करे। निर्धारित समय से इतर परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। परीक्षा नियंत्रक अन्य सभी प्रकार की परीक्षाओं के कार्यक्रम इस तरह बनाएंगे कि वे निर्धारित समय में ही पूरी हों।
उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शैक्षिक कैलेंडर के दृष्टिगत अपना वार्षिक गतिविधि कैलेंडर बनाकर अपनी वेबसाइट पर देंगे। इसके अनुसार साल भर होने वाली सभी को-कॅरिकुलर व गैर शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। ऐसे में छात्रों को इसके बारे में पहले से जानकारी होगी।