प्रदेश में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार की खेलोन्मुख नीतियों और आधुनिक सुविधाओं से सत्र 2026-27 में स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए काफी आवेदन हुए हैं। इस बार प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों की 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन किया है।
फिजिकल टेस्ट में न्यूनतम 40 प्रतिशत यानी 20 अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। खेल विशेषज्ञ मैदान पर अभ्यर्थियों की प्रतिभा का परीक्षण करेंगे। इसमें खेल तकनीक परीक्षा (स्किल टेस्ट) के लिए 30 अंक और गेम टेस्ट के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रदर्शन के आधार पर विशेषज्ञ अंक देंगे।
मुख्य चयन परीक्षा का परिणाम खेल साथी पोर्टल पर जारी किया जाएगा और चयन समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। मुख्य चयन परीक्षा के बाद अंतिम श्रेष्ठता सूची तैयार कर कॉलेज वेबसाइट, खेल साथी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। मुख्य चयन परीक्षा की श्रेष्ठता सूची में शामिल अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच केंद्रीय व्यवस्था के तहत कराई जाएगी। विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग जिलों में यह प्रक्रिया होगी।
अभ्यर्थियों की आयु जांच अभिभावकों की सहमति से कराई जाएगी। आयु जांच में उपयुक्त पाए गए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसमें प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर रिक्त सीटों और कॉलेज वरीयता के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रबंध समिति उत्तर प्रदेश के सचिव एवं स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक और अंतिम ट्रायल के बाद प्रवेश दिया जाएगा।