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यूपी: प्रदेश के लोगों का आसान हुआ हरिद्वार पहुंचना, चौड़ा होगा झांसी एक्सप्रेसवे; जेन जी को साधने की कोशिश

Tue, 25 Aug 2026 08:38 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Cabinet decision: यूपी कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। इसमें बुजुर्ग महिलाओं का बसों में फ्री में सफर करना शामिल है। 
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यूपी कैबिनेट के फैसले। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन में किया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

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हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए राज्य सरकार पर संभावित 10,761 करोड़ रुपये का व्यय-भार आएगा। परियोजना में केंद्र सरकार की किसी प्रकार की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित अथवा प्रस्तावित नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना की डीपीआर तैयार करने सहित आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए वर्तमान में प्रमुख रूप से एनएच-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार राष्ट्रीय मार्ग) की सुविधा उपलब्ध है। गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर को हरिद्वार से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी।इसके साथ ही बिजनौर की कनेक्टिविटी गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी बेहतर होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से गंगा के तट पर स्थित दो प्रमुख कुम्भ नगरियों, प्रयागराज और हरिद्वार के बीच प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे नेटवर्क के माध्यम से तेज और सुगम यातायात सुविधा विकसित होगी। इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे के विस्तार से धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। परियोजना के निर्माण और इससे उत्पन्न होने वाली आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

 युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव मंजूर

 कैबिनेट बैठक में प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को खरीद आदेश जारी किए जाने की मंजूरी देकर प्रदेश के युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ये टैबलेट पात्र युवाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना 5 वर्ष के लिए लागू है। योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए आधुनिक टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास समेत विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को निशुल्क टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थी अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम को डिजिटल माध्यम से बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे और तकनीक आधारित अध्ययन की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। टैबलेट मिलने से युवाओं को सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी। योगी सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के इस निर्णय से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और आईटीआई से जुड़े पंजीकृत कुशल युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

7,968 करोड़ से बनेगा 6-लेन झांसी लिंक एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे ग्रिड को और मजबूत करते हुए कैबिनेट ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7,968.30 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत आएगी, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेग।

यह नया संपर्क मार्ग बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज 170+300 (जालौन के ग्राम फूलपुरा के निकट) से शुरू होकर उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44) पर अम्बाबाई (झांसी) तक जाएगा। 106.30 किलोमीटर लंबी यह परियोजना शुरुआत में प्रवेश-नियंत्रित 6-लेन की होगी, जिसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेग। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी/घंटा तय की गई है। यह मार्ग जालौन (उरई) और झांसी की चार तहसीलों (गरौठा, टहरौली, मोठ व झांसी प्रथम) से होकर गुजरेगी, जिसके लिए 110 मीटर चौड़ा राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) अधिग्रहित किया जाएगा।

ईपीसी पद्धति पर दो पैकेजों में होगा निर्माणवित्तीय मूल्यांकन के बाद इस परियोजना को पीपीपी के बजाय ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एवं कन्सट्रक्शन) पद्धति पर दो पैकेजों में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से गरौठा के पास बन रहे डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नोड और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इसके साथ ही झांसी किला, ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर, दतिया पीताम्बरा पीठ और सोनागीर जैन तीर्थ जैसे प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
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60 साल से अधिक उम्र की महिलाएं रोडवेज की बसों में करेंगी निशुल्क यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में 60 वर्ष से अधिक उम्र वाली महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने लोक कल्याण संकल्प-2022 के तहत ‘सशक्त नारी’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बुजुर्ग महिलाओं को उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की सामान्य बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। इससे वरिष्ठ महिलाओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें आवागमन में सुविधा होगी।

प्रदेश सरकार के इस फैसले का लाभ रोजाना करीब 88,438 महिला यात्रियों को मिलने का अनुमान है। इससे महिलाओं को प्रतिदिन आने-जाने के खर्च में राहत मिलेगी। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र की उन महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन अधिक सुलभ होगा, जिन्हें नियमित रूप से विभिन्न कार्यों के लिए यात्रा करनी पड़ती है। योजना के तहत निशुल्क यात्रा सुविधा को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पात्र महिला यात्रियों की पहचान और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को सुगम बनाया जा सकेगा। इस सुविधा के तहत सरकार पर हर महीने 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। इस फैसले के जरिए प्रदेश सरकार ने ‘सशक्त नारी’ के संकल्प को अब परिवहन सेवाओं से भी जोड़ा है।
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