चुनाव आयोग ने आगरा में विधान परिषद चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों पर कड़ा रुख अपनाया है। आगरा शिक्षक सीट के तीन बूथों पर 26 अक्तूबर को दुबारा मतदान के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं वहां के मंडलायुक्त को निर्देश दिए हैं कि इन बूथों पर जिन कारणों से पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ी है, उसके लिए जिम्मेदार पुलिस व मतदान अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए अपनी रिपोर्ट 25 अक्तूबर तक चुनाव आयोग को नई दिल्ली भेजें।
सपा के विधान परिषद प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग, धांधली और समर्थकों व स्कूल प्रबंधकों को परेशान करने या उठाने के गंभीर आरोप लगाते हुए आयोग से शिकायत की थी। इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर पीठासीन अधिकारियों के खाने के समय पर मतदान कक्ष बंद कर मतदाताओं को बाहर निकालने जैसी प्रक्रियागत खामियों की शिकायतें भी की गईं।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इस संबंध में आकाश अग्रवाल से उन्होंने स्वयं बात की थी। उन्होंने पांच बूथों पर गड़बड़ियों की लिखित शिकायत की थी। उसके बाद आगरा के रिटर्निंग ऑफिसर और मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप से जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट देने को कहा गया। उन्होंने स्वीकार किया कि जांच में इनमें से तीन बूथों पर सामान्य से उच्च मतदान प्रतिशत समेत कई खामियां पाई गईं। इसके बाद बूथ (मतदेय स्थल) संख्या-20 (खेरागढ़), बूथ संख्या-21 (सैंया) और बूथ संख्या 26 (फतेहाबाद) में पुर्नमतदान की संस्तुति शुक्रवार की रात आयोग से की गई।
इन शिकायतों और गड़बड़ियों का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58 ए (2)(ए) के तहत आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इन तीनों बूथों पर हुए मतदान को शून्य घोषित कर दिया। इन बूथों पर नए सिरे से पुनर्मतदान कराने के लिए 26 अक्तूबर को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे का समय निर्धारित किया है।
पुनर्मतदान में नहीं लगाए जाएंगे मतदान प्रभावित करने वाले अधिकारी
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन व्यक्तियों की किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में संलिप्तता रही हो, जिसके कारण मतदान प्रभावित हुआ या अनियमितताएं व चूक हुईं, उन्हें पुनर्मतदान में ड्यूटी पर तैनात न किया जाए। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं की दाहिने हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। आयोग ने यह भी कहा है कि पुनर्मतदान के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद ही आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के संबंध में वोटों की गिनती शुरू करने के लिए नए सिरे से उससे अनुमति ली जाएगी।
तत्काल जांच करें कमिश्नर
भारत निर्वाचन आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मंडलायुक्त (कमिश्नर) इस मामले में आगरा पुलिस और मतदान अधिकारियों समेत उन व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय करेंगे, जिनकी वजह से ऐसी घटनाएं हुईं और पुनर्मतदान कराना पड़ा। यह भी कहा है कि यह जांच तुरंत की जानी चाहिए और इसकी रिपोर्ट 25 अक्तूबर तक अनिवार्य रूप से आयोग को भेजी जाए।