कथित दुर्व्यवहार पर भी कार्रवाई नहीं हो रही
राजभर ने सीधे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से कर दी। उन्होंने लिखा कि जिस तरह धृतराष्ट्र पुत्र मोह में अंधे हो गए थे, उसी तरह अखिलेश यादव भी “यादव मोह” में अंधे हो चुके हैं। यही वजह है कि अपनी ही पार्टी की महिला विधायक के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
राजभर ने सपा की पीडीए राजनीति को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी में गैर-यादव पिछड़ों और दलितों को सिर्फ नारे और पोस्टर तक सीमित रखा गया है। जमीन पर उन्हें न सम्मान मिल रहा है और न सुरक्षा।
पोस्ट में राजभर ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि “गुंडों की कोई जाति नहीं होती, लेकिन हर गुंडा सपाई जरूर होता है।” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार रात विधायक महाराजी प्रजापति के आवास पर हुए हंगामे और हमले के मामले में सपा से जुड़े कई प्रभावशाली नेताओं के नाम सामने आए हैं। घटना के बाद विपक्ष लगातार सपा को कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर घेरने में जुटा है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।