वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल माह के शुुरआती और अंतिम चरण में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि हुई। इस दौरान कुल प्रादेशिक मासिक वर्षा सामान्य से अधिक रही वहीं औसत मासिक तापमान सामान्य के आसपास रहे। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े के दौरान बांदा के अप्रैल के ऐतिहासिक सर्वोच्च स्तर 47.6 डिग्री तापमान तक पहुंचने और छह दिन देश में सर्वाधिक गर्म रहने के साथ पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्रमशः चार और दो दिन लू चली।
मई माह के दौरान प्रदेश के अधिकांश भाग में सामान्य से अधिक वर्षा के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में सामान्य से कम तापमान के अलावा प्रदेश के अन्य भागों में औसत मासिक अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से अधिक रहेगा। इस वजह से मई के दौरान प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य रहने की संभावना है। मई के दौरान प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई एवं दक्षिणी भाग में औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश में उरई सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर बांदा रहा जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्र्री दर्ज किया गया। तीसरे नंबर पर 39.4 डिग्री तापमान के साथ झांसी रहा।