बसपा सुप्रीमो मायावती।
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में मजबूत है या जहां उनकी सरकारें हैं, वहां बसपा व उनके अनुयाइयों के साथ उसका द्वेष व जातिवादी रवैया है। यूपी जैसे राज्य में जहां कांग्रेस कमजोर है, वहां बसपा से गठबंधन की बरगलाने वाली बातें करना यह उस पार्टी का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है।
उन्होंने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि बसपा ने यूपी व अन्य राज्यों में जब भी कांग्रेस जैसी जातिवादी पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा, तब हमारा बेस वोट उन्हें ट्रांसफर हुआ। लेकिन ये पार्टियां अपना बेस वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं करा पाईं। ऐसे में बसपा को हमेशा घाटे में ही रहना पड़ा है। वैसे भी कांग्रेस व भाजपा आदि का चाल, चरित्र, चेहरा हमेशा डॉ. भीमराव आंबेडकर, उनकी अनुयायी बसपा व उसके नेतृत्व, उनके दलित-बहुजन अनुयायियों एवं आरक्षण आदि का घोर विरोधी रहा है। जिससे देश संविधान का समतामूलक व कल्याणकारी उद्देश्य पाने में काफी पीछे है, जो चिंताजनक है।