उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की मानक समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी करते हुए नौकरी से निकाल दिया। इसके विरोध में बुधवार सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा / संविदा कर्मचारी संघ मध्यांचल निगम मुख्यालय के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया, और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
कर्मचारी संघ की मांगें: कर्मचारी संघ का आरोप है कि प्रबंध निदेशक की तरफ से पावर कॉरपोरेशन के 15 मई 2017 और मध्यांचल प्रबंधन के 6 फरवरी 2025 के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके तहत, हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लेने और संघ के 11 सूत्रीय मांग पत्र की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है।
25,000 कर्मियों को निकाला: संघ के प्रदेश महामंत्री, देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और अन्य ऊर्जा निगमों ने आदेश का उल्लंघन कर, 55 वर्ष की आयु का हवाला देते हुए लगभग 25,000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है। संघ इस छंटनी का कड़ा विरोध कर रहा है। हटाए गए कर्मचारियों को जब तक कार्य पर वापस नहीं लिया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा।