प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में परस्पर तबादलों की तरह ही शिक्षकों के चयन वेतनमान की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो रही है। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा को ज्ञापन भेजकर इसकी प्रक्रिया समय से पूरा कराने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि लाभार्थी शिक्षक को अपने स्तर से कोई भी प्रक्रिया नहीं करनी है। इसके लिए पोर्टल पर कोई विकल्प भी नहीं है। वह केवल स्टेटस देख सकता है। उन्होंने बताया कि लगभग चार महीने बाद भी कुछ जगहों पर पहले चरण की ही प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। न ही इस संबंध में जानकारी दी गई है। कुछ शिक्षकों का इनीशियल कैडर अभी तक अपडेट नहीं किया गया है। इसके कारण भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में उन्होंने लंबित चयन वेतनमान की प्रक्रिया पहले की भांति ऑफलाइन स्वीकृत करने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की है।
कार्यभार न संभालने वालों की निरस्त हो पदोन्नति
प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पिछले दिनों 283 शिक्षकों को प्रवक्ता से अधीनस्थ राजपत्रित (प्रधानाचार्य) पद पर पदोन्नति दी गई थी। इनको 30 दिन का समय भी दिया गया। इसके बाद 10 दिन का और अतिरिक्त समय दिया गया। किंतु अभी भी 150 से अधिक शिक्षकों ने पदभार नहीं संभाला है। इसे देखते हुए राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय ने अपर शिक्षा निदेशक राजकीय को पत्र भेजकर वेटिंग लिस्ट के शिक्षकों को पदभार ग्रहण कराने की मांग की है।