निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये हड़पने के आरोपों में घिरी अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीआईएल) की करीब 313 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को जब्त करने में सफलता हासिल की है। हालांकि, अन्य संपत्तियों को जब्त करने में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में चल रही कानूनी कार्यवाही बाधा बन रही है।
दरअसल, अंसल ग्रुप की कई कंपनियों के दिवालिया होने की प्रक्रिया की सुनवाई एनसीएलटी में जारी है। इसी वजह से कई बेशकीमती संपत्तियों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, एपीआईएल ने करीब 5000 निवेशकों से जुटाई गई रकम को अपनी शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर देश के कई शहरों में संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें से अधिकांश संपत्तियां अंसल के संचालकों, प्रमोटरों, निदेशकों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं, जिन्हें बेनामी संपत्ति माना जा रहा है।
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ईडी ने ऐसी करीब तीन हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान कर ली है, लेकिन कंपनी से जुड़े मामलों की सुनवाई एनसीएलटी में लंबित होने के कारण इन पर कार्रवाई फिलहाल अटकी हुई है। इससे निवेशकों की रकम की वापसी में भी मुश्किलें आने की आशंका है।
इन संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी के बाद ही निवेशकों को धन वापस किया जा सकेगा। गौरतलब है कि हाल ही में एनसीएलटी ने अंसल को दिवालिया घोषित करने के अपने आदेश को बरकरार रखते हुए निवेशकों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है।