प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इनको भी राहत देने की मांग की है। कौशाम्बी से सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, अरुण पाठक, डॉ. बाबूलाल तिवारी आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए भी विद्यालय 30 जून तक बंद करने की मांग की है।
इन्होंने कहा है कि इस दौरान आवश्यक काम ऑनलाइन घर से कराए जा सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र पूर्व की भांति 1 जुलाई से 20 मई तक किये जाने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा है कि पूर्व में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र बदलकर 1 जुलाई के स्थान पर 1 अप्रैल से कर दिया गया था जो कि पूर्णतः अव्यवहारिक है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों तथा बच्चों को व्यवहारिक व भौगोलिक स्थितियों के कारण काफी कठिनाइयां आती हैं। गर्मी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में आनाकानी करते हैं। इसका असर नामांकन में भी पड़ता है। ऐसे में पूर्व की भांति प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र 1 जुलाई से 20 मई तक किया जाए।
प्रदेश में शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण, स्कूल चलो अभियान सहित विभिन्न विभागीय कार्यों/कार्यक्रमों के सुचारु संपादन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के तबादले अगले आदेश तक नहीं होंगे। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी विभागीय अधिकारियों का स्थानांतरण अग्रिम आदेशों तक नहीं करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि रविवार को इस सत्र के तबादले की आखिरी तिथि होने की वजह से काफी लोग तबादले की उम्मीद लगाए हुए थे।