फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: प्रदेश में आज से खुले प्राइमरी स्कूल, बच्चों को नहीं आना; सांसद-विधायकों ने की पूरी तरह से बंदी की मांग

Mon, 16 Jun 2025 08:57 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Primary schools of UP opened: यूपी के प्राइमरी स्कूल आज से खुल गए हैं। अभी 30 जून तक सिर्फ अध्यापकों को ही आना है। इस बीच सीएम योगी से स्कूलों को अभी पूरी तरह से बंद करने की मांग की जा रही है। 
विज्ञापन
यूपी में आज से खुले प्राइमरी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 परिषदीय विद्यालय गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से खुल गए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने बच्चों के लिए तो स्कूल में 30 तक छुट्टी कर दी है, लेकिन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों को स्कूल आना होगा।
विज्ञापन


इस बीच शिक्षकों को विद्यालय समय से पहुंचने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं बच्चे एक जुलाई से स्कूल पहुंचेंगे। तब तक शिक्षकों को नए सत्र की पढ़ाई की तैयारियां कराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा विद्यालय से जुड़े जो भी काम अधूरे हैं उनको समय से पूरा कराना होगा। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय का संचालन पहले की तरह से सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक होगा। लखनऊ के बीएसए राम प्रवेश ने कहा कि शहर के सभी 1618 परिषदीय विद्यालयों को समय से खोलने के आदेश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

अभिभावक कराएं नामांकन
बच्चों की नामांकन प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश शिक्षकों को दिए गए हैं। बीएसए ने बताया कि जिन विद्यालयों में नामांकन संख्या शून्य है, उनकी समीक्षा की जा रही है। अभिभावक बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए स्कूल जा सकते हैं। स्कूल न खुला मिले तो विभाग को सूचित करें।
विज्ञापन

 

अध्यापकों को राहत देने की मांग 

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इनको भी राहत देने की मांग की है। कौशाम्बी से सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, अरुण पाठक, डॉ. बाबूलाल तिवारी आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए भी विद्यालय 30 जून तक बंद करने की मांग की है।

इन्होंने कहा है कि इस दौरान आवश्यक काम ऑनलाइन घर से कराए जा सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र पूर्व की भांति 1 जुलाई से 20 मई तक किये जाने की मांग की है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा है कि पूर्व में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र बदलकर 1 जुलाई के स्थान पर 1 अप्रैल से कर दिया गया था जो कि पूर्णतः अव्यवहारिक है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों तथा बच्चों को व्यवहारिक व भौगोलिक स्थितियों के कारण काफी कठिनाइयां आती हैं। गर्मी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में आनाकानी करते हैं। इसका असर नामांकन में भी पड़ता है। ऐसे में पूर्व की भांति प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण सत्र 1 जुलाई से 20 मई तक किया जाए।
 
विज्ञापन

बीएसए के तबादले अगले आदेश तक नहीं करने का निर्णय

प्रदेश में शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण, स्कूल चलो अभियान सहित विभिन्न विभागीय कार्यों/कार्यक्रमों के सुचारु संपादन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के तबादले अगले आदेश तक नहीं होंगे। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी विभागीय अधिकारियों का स्थानांतरण अग्रिम आदेशों तक नहीं करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि रविवार को इस सत्र के तबादले की आखिरी तिथि होने की वजह से काफी लोग तबादले की उम्मीद लगाए हुए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें