शहरी इलाकों के बाद ग्रामीण इलाकों में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत 5 मई से चलने वाले अभियान में गांव में लोगों की जांच की जाएगी। विभिन्न महानगरों से लौटने वालों पर खास निगाह रहेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को 10 लाख एंटीजन किट उपलब्ध कराई गई हैं। जरूरत के मुताबिक लोगों का सैंपल आरटी पीसीआर के लिए विभिन्न लैब में भेजा जाएगा। गांव-गांव जांच अभियान की शुरुआत पहले 4 मई से होनी थी, लेकिन अब इसे 5 मई से किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निगरानी में स्वास्थ्य कर्मी आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) गांव-गांव जाएंगी। एंटीजन टेस्ट में जो ग्रामीण कोरोना संक्रमित पाया जाएगा, उसका गांव में ही तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा। कोरोना संक्रमित ग्रामीण को इलाज के लिए दवाई वाली एक कोविड किट और आयुष काढ़ा भी दिया जाएगा।
ऐसे मरीजों का निगरानी समिति लगातार ध्यान रखेगी और आवश्यकतानुसार कोविड से संक्रमित मरीज को अस्पताल में एडमिट कराने की व्यवस्था भी जाएगी अथवा उसे क्वारंटाइन किया जाएगा। होम आइसोलेशन में ऐसे मरीजों का कैसे इलाज किया जाएगा, यह भी बताया जाएगा। प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान चलाने से वायरस का प्रसार रोकने में मदद मिलेगी।