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UP: प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन, अखिलेश ने चिता पर लकड़ी रखी; अर्थी उठते ही बेटियों से लिपटकर रोईं अपर्णा

Thu, 14 May 2026 07:04 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और परिवारजन शामिल हुए। चिता को मुखाग्नि उनके ससुर ने दी। अंतिम विदाई के दौरान परिवार भावुक हो उठा। बेटियों और पत्नी की हालत देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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प्रतीक पंचतत्व में विलीन हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सपा संस्थापक मुलायम सिंह के बेटे व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बृहस्पतिवार दोपहर बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी संख्या में परिवार के लोग और सत्ता व विपक्ष के नेता मौजूद रहे। पूरा बैकुंठधाम लोगों की भीड़ से पट गया। पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

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बृहस्पतिवार सुबह से प्रतीक यादव के घर श्रद्धांजलि देने वालों की कतार लग गई। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के कई बड़े नेता सुबह से प्रतीक यादव के घर उनको आखिरी विदाई देने के लिए पहुंचे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, मंत्री ओम प्रकाश राजभर, बेबी रानी मौर्य, पूर्व सांसद कौशल किशोर, विधायक जय देवी, मंत्री सतीश शर्मा, विधायक राजेश्वर सिंह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, प्रतीक के चाचा शिवपाल यादव, भाभी डिंपल यादव, भाई धर्मेंद्र यादव सहित विपक्ष के कई नेता उनके घर बारी-बारी से श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे।

प्रतीक बेटियां बेसुध हो गईं थीं कुछ पल के लिए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

सुबह 11.58 पर शुरू हुई अंतिम यात्रा

सुबह करीब 11.58 प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा उनके बंगले विष्णुपद से शुरू हुई। समाजवादी पार्टी दफ्तर से अर्थी को पैदल ही लोग लेकर पहुंचे। इसके बाद वहां से फूलों से सजाए गए शव वाहन पर शव को रखकर बैकुंठ धाम तक पहुंचाया गया। बैकुंठधाम पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव, डिप्टी सीएम बृजेश यादव, शिवपाल यादव, अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद, सांसद धर्मेंद्र यादव सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

 

पिता के अंतिम दर्शन करती बेटी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी मुखाग्नि

बैकुंठ धाम पर प्रतीक का शव पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। इस बीच हर जुबान पर एक ही बात की चर्चा थी कि अर्थी का मुखाग्नि कौन देगा। परिवार से चाचा और रिश्ते के भाई सब मौजूद थे। चर्चा के बीच प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट अर्थी तक पहुंचे, तब जाकर लोगों को पता चला कि मुखाग्नि वह देंगे। इसके बाद दोपहर 1.54 मिनट पर ससुर ने दामाद प्रतीक यादव को मुखाग्नि दी।

 

अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव ने पुष्प अर्पित किए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

पिता के आखिरी दर्शन के लिए बैकुंठ धाम भी पहुंची बेटियां

प्रतीक यादव को पशुओं से काफी प्रेम था। वह स्ट्रीट डॉग्स की देखभाल किया करते थे। प्रतीक का पशु प्रेम उनके शव वाहन पर नजर आया। उनके शव वाहन को खास तरीके से सजाया गया था।  सफेद फूलों से सजाए गए वाहन के दोनों साइड पर बड़े-बड़े बैनर लगे थे। बैनरों में जानवरों के साथ प्रतीक यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी, जो उनके पशु प्रेमी होने की गवाही दे रही थी।

 

भावुक हुईं डिंपल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

उठी अर्थी तो बेटियों को अपर्णा यादव ने सीने से लिपटाया

प्रतीक यादव के घर सुबह से ही लोग श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे थे। घर आने वाले लोगों से अपर्णा यादव मिल रही थीं। परिवार के लोग प्रतीक की दोनों बेटियों प्रथमा यादव और पद्मजा यादव को संभाले हुए थे।  अर्थी उठने का जब वक्त आया तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। अपर्णा यादव भी अपने आंसू नहीं रोक सकी। दोनों बेटियां भी पिता की अर्थी घर से निकलते देख फूट-फूट कर रोने लगीं। अपर्णा यादव ने दोनों बेटियों को सीने से लगा कर संभाला।

 

अपर्णा हुईं भावुक। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

आखिरी मुलाकात के लिए बैकुंठ धाम भी पहुंची बेटियां

प्रतीक की दो बेटियां पिता की घर से शव यात्रा निकलने के कुछ ही देर के बाद बैकुंठ धाम पहुंच गई। चिता पर रखी पिता की अर्थी के पास दोनों बेटियां बेसुध सी हालत में पहुंची। 

ऐसा लग रहा था कि मानों दोनों बेटियां चिता पर लेटे पिता का चेहरा तलाश रही थीं। बेटियां की हालत देख परिवार के लोगों ने दोनों को संभाला। दोनों बेटियां ने पिता को आखिरी प्रणाम किया और फिर ससुर ने प्रतीक को मुखाग्नि दी।

 

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य अंतिम दर्शन को पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

वाहनों से पट गया विक्रमादित्य मार्ग व बैकुंठ धाम

प्रतीक के घर सुबह से ही लोगों की आवाजाही से पूरी सड़क वाहनों से पट गई। समाजवादी पार्टी दफ्तर से लेकर प्रतीक यादव के घर तक वाहनों की कतार लगी थी। गौतमपल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस यातायात को संभालने में जुटी थी। 

घर से जब शव यात्रा शुरू हुई तो बैकुंठ धाम तक वाहनों की लाइन लग गई। बैकुंठ धाम से लेकर गोमती बैराज और बालू अड्डे तक वाहन दोनों साइड पर खड़े थे। लोगों का हुजूम इतना था कि बैकुंठ धाम में सिर ही सिर नजर आ रहे थे।

 




 
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प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala

भाजपा से ज्यादा समाजवादी पार्टी के नेता व पदाधिकारी रहे मौजूद

प्रतीक यादव का राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। शुरू से उन्होंने खुद को इससे अलग रखा था। कारोबार और फिटनेस उनकी पहली पसंद थी। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा से जुड़ी हैं और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष है। प्रतीक की राजनीति से दूरी के बावजूद उनके अंतिम संस्कार में भारी संख्या में राजनीति से जुड़े लोग पहुंचे थे। 

भाजपा सरकार के कई मंत्री व विधायक की मौजूदगी रही, पर अगर भीड़ की बात की जाए तो समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लखनऊ से ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों से भी पहुंचे थे।
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