विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश को देश की दूसरी बड़ी इकोनॉमी बनाएगी।
इस दिशा में युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार काम भी कर रही है। वाणिज्य कर के अधिकारियों से भी इसके लिए अपना सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह ऐसा विभाग है जो प्रदेश के राजस्व की रीढ़ है। राजस्व किस प्रकार और बढ़े इसके लिए भी अधिकारियों को सुझाव देने चाहिए।
अभिषेक मिश्र शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सेवा (पदोन्नत) संघ व उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर अधिकारी संघ के संयुक्त अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
उन्होंने वाणिज्य कर अधिकारियों का प्रांतीय राजस्व सेवा संवर्ग बनाए जाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी तरह जायज है। इस मांग को पूरा करने के लिए वे मुख्यमंत्री से भी आग्रह करेंगे।
राज्यमंत्री ने कहा कि अधिवेशन में इस बात पर भी चर्चा होनी चाहिए कि किस प्रकार सरकार का राजस्व और बढ़ाया जा सकता है।
अभिषेक ने कहा कि अगर आपको यह लगता है कि किसी नियम में विसंगति है, जिसके कारण राजस्व का नुकसान हो रहा है, तो इसे जरूर बताएं। उस विसंगति को दूर कर सरकार का राजस्व और बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी व्यापारी को प्रताड़ित कर कभी भी कर नहीं वसूला जाना चाहिए। व्यापारी व उसके व्यापार को सहयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।
मंत्री को दिया गया ज्ञापन
इससे पहले वाणिज्य कर अधिकारी संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार शुक्ल ने 18 सूत्री एक ज्ञापन भी मंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन की मांगों को मुख्यमंत्री से मनवाने में सहयोग प्रदान करें। राज्यमंत्री ने भी वाणिज्य कर अधिकारियों की कई मांगों को जायज ठहराते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही।
दो दिवसीय इस अधिवेशन में शनिवार को संघ के चुनाव होंगे। इस मौके पर शशिधर शाही, भूपेश अवस्थी, राम सिंह राणा सहित कई अन्य उपस्थित थे।