लखनऊ के विकासनगर अग्निकांड को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी और भड़काऊ पोस्ट डालने पर पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए। एक पोस्ट में सौ से अधिक मौतों का दावा किया गया, जबकि दूसरी में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विकासनगर अग्निकांड को लेकर भ्रामक पोस्ट करने पर दो एफआईआर दर्ज की गई है। विकासनगर थाने में लेखराज पन्ना और मिनी स्टेडियम के हल्का प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। लेखराज पन्ना के हल्का प्रभारी दरोगा भानु प्रताप सिंह के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म इस्टाग्राम पर आईडी news_artery से झोपड़पट्टी में हुए अग्निकांड के संबंध में वीडियो पोस्ट किया गया।
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आरोप है कि वीडियो के टेक्स्ट में लिखा है कि मीडिया में सिर्फ चार लोग दिखाया जा रहा है बल्कि असलियत में 100 से ज्यादा लोग जल कर मरे हैं। एफआईआर के मुताबिक यह पोस्ट जनता के मन में आक्रोश पैदा करने, पुलिस के प्रति भड़काने और बरगलाने वाला है। पोस्ट में मुख्य रूप से कहा जा रहा है कि यही पुलिस एक घंटे बाद लाठी मारेगी, लिखित में ले लो। गरीब की मौत का कोई नहीं।
आपत्तिजनक वीडियो भी पोस्ट किया गया
यह पोस्ट सरकार की छवि धूमिल करने के लिए लोगों में आक्रोश पैदा कर दंगा भड़काने के आशय से किया गया है। आरोप है कि पोस्ट करने का मुख्य उद्देश्य जनता में डर, दहशत या कानून-व्यवस्था प्रभावित करना है। इस वीडियो के अलावा अन्य आपत्तिजनक वीडियो भी पोस्ट किया गया है।
उधर, मिनी स्टेडियम के हल्का प्रभारी दरोगा अतुल कुमार ने इंस्टाग्राम आईडी mdali10k के संचालक मुहम्मद अली के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि अग्निकांड के संबंध में वीडियो पोस्ट किया गया। पोस्ट में कहा जा रहा है कि आपको तो पता ही है विकासनगर में 20 से 30 सिलिंडर ब्लास्ट हुआ था।
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पूरी दुनिया में खाना बनाने के लिए कितना दिक्कत हो रहा है, एक सिलेण्डर भी नहीं मिल रहा है। इधर झोपड़ी में रहने वाले गरीब लोगों को मारने के लिए 20 से 30 सिलिंडर आ गए। पोस्ट में आरोपी ने पीएम और सीएम के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है।
यही नहीं, यूपी और बिहार के लोगों के लिए भी अभद्र भाषा बोला गया है। आरोप है कि अलग-अलग समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा दिये जाने के आशय से ऐसा पोस्ट किया गया है।