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UP Politics News: सहमति के अभाव में अटका मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम भी लटकी

सार

यूपी में सहमति के अभाव में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अटका है। अब पीएम मोदी की स्वदेश वापसी के बाद ही गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। यही नहीं कल रायपुर में गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी की एक और मुलाकात हो सकती है। निगम-बोर्ड सहित संगठन यानी प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम भी लटकी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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योगी मंत्रिमंडल के नए मंत्रियों को शपथ दिलातीं राज्यपाल। - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में एक हफ्ते पहले योगी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए और पदोन्नति पाए मंत्रियों को विभाग हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। विभाग बंटवारे पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व के बीच सहमति नहीं बनने के बाद अब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की स्वदेश वापसी के बाद ही बीच का रास्ता निकल सकता है।

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हालांकि, सोमवार को रायपुर में गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ की मध्य क्षेत्रीय बैठक में एक और मुलाकात की संभावना है। मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीएम भी हिस्सा लेंगे। मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर पेच फंसने के कारण निगम और बोडों में खाली पड़े पदों और प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम की तैयार सूची भी अटक गई है।

विभागों के बंटवारे में बीच का रास्ता नहीं निकल पा रहा

सूत्रों के मुताबिक बीते 10 मई को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे के मामले में बीच का रास्ता नहीं निकल पा रहा है। बृहस्पतिवार को सीएम योगी की गृह मंत्री शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही थी। 

सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में इस मामले में नए सिरे से विमर्श होगा। चूंकि गृह मंत्री शाह रविवार से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे और प्रधानमंत्री 20 मई को विदेश दौरे से वापस का लौटेंगे। ऐसे में अब 20 मई के बाद ही विभागों के बंटवारे का फार्मूला निकलेगा।

नई टीम के साथ निगम-बोर्ड की सूची भी अटकी

पहले तय किया गया था कि मंत्रिमंडल विस्तार के तत्काल बाद निगम और बोर्ड के खाली पदों को भरने के साथ प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम की तत्काल घोषणा कर दी जाएगी। इसके लिए व्यापक विमर्श के बाद सूची भी तैयार कर ली गई थी। यहां तक की दर्जा प्राप्त मंत्रियों की भी सूची तैयार थी। चूंकि मंत्रियों के विभागों के चंटवारे का मामला अटक गया, इसलिए पूर्व योजना के मुताबिक निगम-बोर्ड में खाली पदों को भरने और प्रदेश की नई टोक की घोषणा भी टाल दी गई।

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