मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3597 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नियुक्ति पाने वाले इन नवचयनितों से अगर किसी प्रबंधक ने ज्वाइनिंग के लिए पैसा मांगा, लेनदेन का प्रयास किया तो उन्हें जेल में सड़ना पड़ेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए सभी को स्पष्ट निर्देश चले जाने चाहिए।
सीएम ने कहा कि अगर किसी प्रबंधक को कोई जिज्ञासा है तो वे इसके लिए शासन में संपर्क करें। किंतु किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है।
सीएम ने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा से जुड़े चारों स्तंभ, सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर है। यहां 3567 लोगों का चयन कर उनके हाथों में पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर व विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।
उन्होंने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक ने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये मांगे गए थे। वह खेत बेचकर पैसा लाया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देकर दूसरा व्यक्ति आ गया। वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूर्व की पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र मिला।
चाचा शिवपाल सिखा देंगे गिनती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सपा मुखिया पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज 3567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में वह 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं।
सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो चाचा शिवपाल के सानिध्य में बैठ जाएं, वे बहुत अच्छी गिनती सिखा देंगे। वे काफी पढ़े-लिखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक को सदैव शिक्षक की भूमिका में रहना चाहिए। समाज को बांटने वाले बहुत लोग होंगे। ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान कराना भी शिक्षा का दायित्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी के बारे में भी बताया जाए। देश और दुनिया में प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी से अपडेट किया जाए। यह उनके जनरल नॉलेज के लिए भी उपयोगी होगा। सीएम ने सपा शासनकाल में नकलमाफियाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को नकलमाफियाओं की कमर तोड़ने के लिए भेजा गया है। ताकि सैफई सिंडीकेट किसी युवा के हक पर डकैती न डाल सके।