16 जुलाई की देर रात लखनऊ के मोहनलालगंज में युवती के साथ हुई दरिंदगी को पुलिस ने एक अलग ही शक्ल दे दी है।
मामले की जांच देख रहीं यूपी पुलिस की एडीजी सुतापा सान्याला ने प्रेस कांफ्रेंस में नई कहानी की परतें खोलीं, तो कई तथ्य आपस में ही उलझ गए।
सान्याल ने बताया कि मोहनलालगंज में एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट में गार्ड के तौर पर काम करने वाले 38 वर्षीय रामसेवक ने अकेले युवती की नृशंश हत्या की थी।
लेकिन, गैंगरेप क्या, रेप तक नहीं हुआ!
यूपी पुलिस के कई आला अधिकारियों के साथ प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एडीजी सान्याल ने इस पूरी वारदात की कहानी सुनाई, तो सबके होश उड़ गए।
सान्याल ने बताया कि युवती के साथ गैंगरेप नहीं हुआ था। उन्होंने फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सेक्सुअल इंटरकोर्स की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, दो दिन पहले ही पीएम रिपोर्ट का हवाला देते हुए सान्याल ने गैंगरेप की बात मानी थी।
सान्याल ने बताया कि रामसेवक युवती से संबंध बनाना चाहता था, इसीलिए वह धोखे से 16 जुलाई की रात करीब 11 बजे युवती को मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा गांव के सूनसान प्राथमिक विद्यालय पर ले गया और वहां रेप करने की कोशिश की।
प्रापॅर्टी खोज रही थी युवती
सान्याल ने बताया कि जिस अपार्टमेंट में रामसेवक काम करता था, वहीं युवती एक फ्लैट किराए पर लेना चाहती थी। हालांकि, सान्याल ने बताया कि युवती की रामसेवक से जान-पहचान नहीं थी।
सान्याल ने बताया कि 14 जुलाई से 16 जुलाई की शाम तक युवती और कथित राजीव के बीच करीब 28 बार बात हुई। 16 बार कॉल रिसीव की गई और 12 बार कॉल की गई। राजीव ही रामसेवक था और वही युवती से बात कर रहा था, यह बात पुलिस सफाई से नहीं बता पाई।
संबंध बनाना चाहता था गार्ड
सान्याल ने बताया कि रामसेवक युवती को चाहता था और उसके साथ संबंध बनाना चाहता था। इसीलिए, उसने राजीव बनकर चोरी के सिम से युवती से 16 जुलाई की रात 10:22 बजे बात की और फॉर्म हाउस ले जाने की बात कही।
युवती भी तैयार हो गई। मोहनलालगंज में ही युवती राजीव से मिलने निकल दी। बाइक सवार रामसेवक ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहना हुआ था। वह समझ नहीं पाई कि बाइकसवार राजीव नहीं बल्कि रामसेवक था।
फिर हुई खौफनाक वारदात
सान्याल की कहानी के मुताबिक, रामसेवक युवती को बलसिंहखेड़ा के गांव में प्राथमिक विद्यालय ले गया। वहां उसने हेलमेट उतारा तो युवती ने उससे कहा, 'रामसेवक तुम मुझे धोखा लेकर यहां ले आए, कल तुम्हें बताती हूं।'
इसके बाद, सान्याल के मुताबिक रामसेवक ने युवती से जबरदस्ती संबंध बनाने का प्रयास किया। इसी दौरान उसने युवती की जमकर पिटाई की और उसके भी शरीर पर कई जगह खंरोच के निशान आ गए।
अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश
युवती से संबंध न बना पाने के कारण रामसेवक ने उसके प्राइवेट पार्ट पर वार किए और उसके गले में चाबी घोंप दी। युवती का मोबाइल फोन छीनकर उसने झाड़ी में फेंक दिया और सारे कपड़े फाड़ डाले।
इसके बाद बेसुध पड़ी युवती के साथ उसने अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जिससे बेतहाशा ब्लीडिंग हुई और पुलिस इसे ही युवती की मौत का कारण मान रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि युवती ने उसी रामसेवक से फिर पानी मांगा और रामसेवक ने भी उसे हैंडपंप की ओर जाने को कह दिया। वहीं जाकर युवती को सबसे ज्यादा ब्लीडिंग हुई।
इकबाल-ए-जुर्म या कच्ची स्क्रिप्ट?
यूपी पुलिस ने हर तरफ से पड़ रहे दबाव से बचने के लिए इस बड़े केस को तीन दिन में सॉल्व तो कर दिया, लेकिन कई सवाल ऐसे हैं जो पुलिस की नीयत और कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मीडिया की ओर से कई सवाल किए गए, जिनके जवाब न एडीजी सान्याल के पास मौजूद थे न ही डीआईजी नवनीत सकेरा और एसएसपी प्रवीण कुमार के पास।
इन सवालों में फंस गई पुलिस की स्क्रिप्ट!
सवाल- राजीव कौन था?
जवाब- पुलिस के पास इसका जवाब ही नहीं है।
सवाल- पीजीआई में काम करने वाली युवती को रास्ते तक नहीं पता थे?
जवाब- पुलिस इस सवाल को ही गोल कर गई।
सवाल-युवती अगर रामसेवक को जानती नहीं थी, तो बलसिंहखेड़ा पहुंचते ही उसने उसे कल देख लेने की धमकी क्यों दी?
जवाब- कोई जवाब नहीं।
सवाल-किसके सिम से कॉल कर रहा था रामसेवक?
जवाब- वो फेक आईडी पर लिया गया सिम था।
सवाल-एफआईआर न होने की असली वजह क्या?
जवाब-व्यक्ति खुद डरा हुआ था क्योंकि आईडी फेक थी।
सवाल-क्या वाकई वहां सिर्फ रामसेवक मौजूद था? इतना नुकसान एक आदमी कैसे पहुंचा सकता है?
जवाब-पुलिस फिलहाल अपनी कहानी पर अड़ी हुई है।
सवाल-घटनास्थल पर किसने इस्तेमाल किए थे पान-मसाले और बीड़ी?
जवाब-पुलिस के पास नहीं कोई जवाब।
सवाल-युवती के पेल्विक जोन में 10 सेंटीमीटर गहरा घाव कैसे हुआ?
जवाब-सार्वजनिक तौर पर जवाब नहीं देना चाहती थीं एडीजी?