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UP: हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश में खुलासा, मशवरा ग्रुप पर रची जा रही थी प्लानिंग; एटीएस ने बताई कहानी

Wed, 01 Oct 2025 09:27 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP ATS reveals: हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश में बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी एटीएस ने बताया कि फतेहपुर के मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया था। 
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सरगना मोहम्मद रजा ने बनाया था ग्रुप। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाली मुजाहिदीन आर्मी के सरगना मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप पर मशवरा ग्रुप बनाया था। इसमें अलग-अलग जिलों के युवाओं को जोड़कर फंडिंग और हथियारों का इंतजाम किया जा रहा था। माेहम्मद रजा की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को इस बाबत पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जिसके बाद इस ग्रुप के सदस्यों के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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सूत्रों की मानें तो फतेहपुर निवासी मोहम्मद रजा ने अपने खतरनाक मंसूबों को पूरा करने के लिए पहले कई व्हाट्सएप ग्रुप में खुद को शामिल कराया और फिर उसमें से कट्टरपंथी विचारधारा वाले युवाओं को चिह्नित कर एक कोर ग्रुप तैयार किया। इस पर मुसलमानों के साथ जुल्म-ज्यादती होने संबंधी पोस्ट डालने के साथ भड़काऊ भाषण देने वाले हिंदूवादी नेताओं के बारे में भी पोस्ट की जाती थी।

रजा इन हिंदूवादी नेताओं को ठिकाने लगाने के लिए ग्रुप के बाकी सदस्यों को उकसाता था। वह उनसे ऐसे नेताओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और उनकी कमजोरियों के बारे में पता लगाने को कहता था। साथ ही, अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए अपने संपर्कों के जरिए फंडिंग जुटाने को भी कहता था। 
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एटीएस को जब इस ग्रुप के बारे में पता चला तो कोर ग्रुप के सदस्य सुल्तानपुर निवासी अकमल रजा, सोनभद्र निवासी सफील सलमानी, कानपुर निवासी तौसीफ और रामपुर निवासी कासिम अली को बुलाकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने मोहम्मद रजा के मंसूबों का खुलासा कर दिया। एटीएस अब रजा समेत पांचों के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी, ताकि उसमें मौजूद उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। इसके अलावा पांचों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी करने की तैयारी है।

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