बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि अधिवेशन में बोर्ड ने पैगम्बर मोहम्मद साहब पर अपमानजनक बयानों को लेकर चिंता जताई। बोर्ड ने पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वालों पर कार्रवाई न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने सरकार से ईशनिंदा कानून बनाने की मांग की ताकि सभी धार्मिक और पवित्र हस्तियों के अपमान पर रोक लगे। उन्होंने बताया कि अधिवेशन में 1991 में बने पूजा स्थल अधिनियम को बहाल करने की मांग की गई।
सर्वसम्मति से बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए मौलाना रहमानी
अधिवेशन में बोर्ड के सभी 251 सदस्यों ने सर्वसम्मति से मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी को फिर बोर्ड का अध्यक्ष चुना। बोर्ड के अध्यक्ष ने अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्त किया है। बोर्ड के पूर्व सह प्रवक्ता कमाल फारूकी को कार्यकारिणी सदस्य नहीं चुना गया। बोर्ड के पूर्व महासचिव स्व. मौलाना वली रहमानी के बेटे फैसल रहमानी की सदस्यता अमेरिका की नागरिकता होने से लीगल कमेटी को सौंपी गई है। लीगल टीम तय करेगी कि विदेशी नागरिक को बोर्ड का सदस्य या पदाधिकारी बनाया जा सकता है या नहीं।