पीसीएस की परीक्षा देकर निकलते अभ्यर्थी।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 एवं सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा परीक्षा-2025 रविवार को प्रदेश भर के 75 जिलों में आयोजित हुई। परीक्षा में इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 6,26,387 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से केवल 42.50 प्रतिशत ही परीक्षा देने पहुंचे।
परीक्षा प्रदेश भर के 75 जिलों के 1435 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक सामान्य अध्ययन की परीक्षा हुई, जिसमें 150 सवाल पूछे गए, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक आयोजित सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र में 100 सवाल पूछे गए।
पहली पाली का प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों के लिए कठिन साबित हुआ। करंट अफेयर्स से जुड़े सवालों में तथ्यों की भरमार रही, जिससे अभ्यर्थी उलझ गए। कई प्रश्नों में विकल्पों को इस तरह घुमाया गया कि सही उत्तर चुनना मुश्किल हो गया। एक सवाल में पूछा गया कि ओडीओपी योजना के तहत मूंज उत्पाद किस जिले से संबंधित है। विकल्पों में अमेठी, सुल्तानपुर और संत कबीरनगर दिए गए थे, जबकि हाल ही में गौतमबुद्धनगर में आयोजित ट्रेड शो में प्रयागराज को मूंज उत्पाद के लिए पुरस्कृत किया गया था, परंतु यह नाम विकल्पों में शामिल नहीं था।
इतिहास, संविधान और पर्यावरण पर भी सवाल पूछे गए। प्रयागराज जिले में परीक्षा को नकल विहीन व सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया तथा केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा न हो।
लखनऊ में 58 फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ी यूपी पीसीएस की परीक्षा
राजधानी के 59 केंद्रों पर रविवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में हुई। 58 फीसदी से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि यूपी पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा व वन अधिकारी की परीक्षा के लिए कुल 27456 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 11431 अभ्यर्थी उपस्थित और 16025 से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित मिले।
नेशनल पीजी कॉलेज से परीक्षा देकर निकले प्रयागराज निवासी आशीष तिवारी ने बताया कि दो घंटे की परीक्षा में कुल 150 प्रश्नों का जवाब देना था। ज्यादातर प्रश्न सामान्य अध्ययन, करंट अफेयर्स और सरकार की योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रतापगढ़ के राजकुमार ने बताया कि यूपी में सबसे अधिक वन क्षेत्र वाला जिला, मिट्टी के लिए केंचुए की उपयोगिता, वन्यजीव अभ्यारण और वार्षिक भूजल की गुणवत्ता से सवाल किए गए। अभ्यर्थी ने बताया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल गेमिंग वाला देश और इंटरनेट की उपयोगिता पर सवाल पूछे गए।
दो मिनट लेट, एक साल की तैयारी बेकार
प्रयागराज से पहुंचे अभिनव ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले यानी 8:45 मिनट पर गेट बंद कर दिया गया। वह केंद्र पर 8:47 मिनट पहुंच गए थे, फिर भी प्रवेश नहीं दिया गया। लखनऊ में ट्रैफिक की वजह से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में देरी हुई। वह एक साल से दिन रात एक करके परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दो मिनट विलंब की वजह से एक साल का लंबा इंतजार और तैयारी सब बर्बाद हो गया।
पर्स, बेल्ट, हेयर क्लेचर उतारने के बाद मिला प्रवेश
अमेठी से पहुंचीं वंदना ने बताया कि हेयर क्लेचर, हाथ में अंगूठी व अन्य सामग्री पहनने पर केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। उधर, परीक्षा केंद्र के अंदर बेल्ट लगाकर पहुंचे पुरुष को बाहर कर दिया गया लेकिन, बाद में बेल्ट निकालने के बाद एंट्री दी गई। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम थे। छात्रों की गहन चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया।