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यूपी: कानपुर व उन्नाव के बीच गंगा पर फोरलेन पुल का रास्ता साफ, 232 करोड़ रुपये की मंजूरी, ये होंगे बदलाव

Fri, 06 Nov 2026 09:07 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी इस धनराशि से परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। पुल और उसके पहुंच मार्ग के निर्माण से कानपुर, उन्नाव और ट्रांसगंगा सिटी के बीच आवागमन सुगम होगा।
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एआई तस्वीर। - फोटो : एआई तस्वीर
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विस्तार
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कानपुर और उन्नाव के बीच गंगा नदी पर प्रस्तावित फोरलेन पुल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए 232 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी इस धनराशि से परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। पुल और उसके पहुंच मार्ग के निर्माण से कानपुर, उन्नाव और ट्रांसगंगा सिटी के बीच आवागमन सुगम होगा।

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इस परियोजना की कुल लागत 753.13 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 460 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार और शेष धनराशि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) अपने संसाधनों से खर्च करेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना के लिए 460 करोड़ रुपये की सरकारी स्वीकृति मिली थी। इसकी पहली किस्त के रूप में 90 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। अब शेष धनराशि और दूसरी किस्त के तहत 232 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है।

प्रस्तावित पुल का संपर्क कानपुर के भैरवघाट-धोबीघाट क्षेत्र से होगा। वहीं, दूसरी ओर ट्रांसगंगा सिटी तक पहुंच मार्ग विकसित किया जाएगा। परियोजना की संरचना वाई-आकार की होगी। इसके तहत दो अलग-अलग दो लेन के पुल बनाए जाने की योजना है, जिससे शहर में अलग-अलग स्थानों पर यातायात का जुड़ाव हो सकेगा।
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पुल बनने से कानपुर और उन्नाव के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही लखनऊ से ट्रांसगंगा सिटी पहुंचना भी आसान होगा। इससे गंगा बैराज पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से ट्रांसगंगा सिटी में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कच्चे माल की ढुलाई, तैयार उत्पादों के परिवहन और कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी। इससे औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। परियोजना से करीब 10 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

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