पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न होने पर प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। हम खुद इसके समर्थक है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट आदेश देगी तो हम चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। चुनाव न होने की स्थिति में वह पदेन पदाधिकारियों को ही प्रशासक बनाकर उनका कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और इसे लागू कराने की कोशिश करेंगे।
पंचायती राज मंत्री मंगलवार को पंचायती राज निदेशालय में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय विशेष कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तराखंड में पदेन पदाधिकारियों को ही प्रशासक बनाया गया है। ऐसे में मजबूत प्रस्ताव तैयार किया जाए। दरअसल, कुछ ब्लॉक प्रमुखों द्वारा चुनाव न होने की स्थिति में कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर नारेबाजी और हंगामा करते हुए कहा कि हमें अपनी मांगें पूरी कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
विभाग के आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह व संरक्षक जगमोहन सिंह यादव ने चुनाव न होने की स्थिति में पदेन पदाधिकारियों को ही प्रशासक बनाने की मांग रखी। वहीं हर ब्लॉक पर एक सरकारी वाहन, एक करोड़ का बीमा, ब्लॉक प्रमुखों को जिलों में मुख्यमंत्री व मंत्री के कार्यक्रमों में आमंत्रित करने की मांग भी की। प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार ने आश्वासन दिया कि वह सभी जरूरी मांगें पूरी करेंगे। कार्यशाला में प्रमुख सचिव अनिल कुमार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक गुंजन द्विवेदी, संयुक्त निदेशक एसएन सिंह, उप्र ब्लॉक प्रमुख संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशवंत सिंह, महामंत्री त्रिपुर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
15 लाख होगी विकास निधि
मंत्री ने कहा कि जल्द ब्लॉक प्रमुखों की विकास निधि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी जाएगी। ब्लॉक कार्यालयों में एडीओ पंचायत के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंचायती राज व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। मजबूत कार्ययोजना, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी के माध्यम से ही समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रशासनिक समन्वय को सशक्त करने के सत्र भी आयोजित किए गए।