प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के विस्तार का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, जिन पर शीघ्र ही निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। इसलिए ग्राम पंचायतों और वार्डों का पुनर्गठन नए सिरे से करना होगा। नतीजतन, पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी आंशिक परिसीमन का कार्यक्रम भी प्रभावित होगा।
नगर विकास विभाग ने नगर निकायों के सृजन और विस्तार पर लगी रोक हटाने का अनुरोध पंचायतीराज विभाग से किया है। वहीं, पंचायतीराज विभाग ने शहरी सीमाओं के पूर्व में हो चुके विस्तार के आधार पर ग्राम पंचायतवार जनसंख्या के निर्धारण और ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों के परिसीमन के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत 28 जुलाई को वार्डों की प्रस्तावित सूची का प्रकाशन किया जाना है।
पंचायतीराज विभाग का कहना है कि अगर शहरी सीमाओं का विस्तार होना है तो उस स्थिति में इस काम को पूरा किए बिना परिसीमन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती है। नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर उच्चस्तर पर जो भी निर्णय होगा, उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।