अनंतिम सूची के बाद हुआ बड़ा बदलाव
जो अनंतिम सूची जारी की गई थी उसके मुताबिक प्रदेश में 1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े थे, 1.41 करोड़ कटे थे। वहीं कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। दावे और आपत्तियां आने के बाद ये आंकड़े पूरी तरह बदल गए। नए मतदाता जुड़ने से लेकर, अयोग्य के नाम कटने और कुल बढोतरी में काफी अंतर सामने आया। अंतिम सूची में अनंतिम की अपेक्षा लगभग 51 लाख नए मतदाता जुड़े, करीब 62 लाख नाम कटे। इसलिए कुल बढ़े मतदाताओं की संख्या अनंतिम की अपेक्षा कम होकर 29 लाख पहुंच गई।
9 अंकों का दिया गया विशेष नंबर
आयोग के मुताबिक सभी को 9 अंको का एक स्टेट वोटर नंबर दिया गया है। यही नंबर मतदाता की पहचान होगी। इसी नंबर के जरिये पता चलेगा कि मतदाता कौन है? कहां का रहने वाला है? उसने कब-कब और कहां-कहां मतदान किया है? एक बार जो नंबर जारी हो जाएगा उसको एक ही मतदाता को दिया जाएगा। उसका नाम हटने के बाद ये नंबर फ्रीज रहेगा। किसी अन्य को जारी नहीं किया जाएगा। मतलब हर मतदाता का ये यूनिक नंबर होगा।
फिलहाल टल चुके हैं चुनाव
पंचायत चुनाव की समयसीमा खत्म हो चुकी है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। शासन ने प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी दे दी है। ये व्यवस्था अगले छह महीने तक रहेगी। स्पष्ट है कि पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं हो पाएंगे। यही वजह है कि अंतिम सूची जो छह फरवरी को जारी होनी थी उसमें पांच बार समय सीमा बढ़ी और अब बुधवार को जारी की गई। फिलहाल आयोग चुनाव की तैयारी में जुटा है।
पुनरीक्षण के बाद आंकड़े....
- कुल मतदाता: 12,58,51,570
- कुल नए मतदाता जुड़े: 2,32,24,805
- कुल अयोग्य मतदाता हटे: 2,03,23,287
- कुल बढ़े मतदाता: 29,01,518