पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े युवकों को आतंकी घोषित किया जाएगा। प्रदेश पुलिस ने इस राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए गृह मंत्रालय को बीते माह पत्र भेजा है। इसमें शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क के सदस्यों को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम-1967 (यूएपीए) के तहत आतंकी घोषित करने का आग्रह किया गया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शहजाद का नेटवर्क देश की सामाजिक सौहार्द, एकता और सुरक्षा को क्षति पहुंचा रहा है। इसका उद्देश्य भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करना है। पाकिस्ताही खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर यह नेटवर्क विभिन्न राज्यों में सक्रिय है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये भारतीय युवकों को जोड़ रहा है। नेटवर्क के सक्रिय सदस्यों में आबिद जट्ट, हम्माद मेमन, जावेद पाकिस्तानी, रजा भाई पाकिस्तानी, अजमल गुर्जर पाकिस्तानी, राशिद भट्टी, राणा हुनैन, मेजर इकबाल, मेजर हमीद और मेजर अनवर प्रमुख हैं। यह नेटवर्क युवाओं को धन और काम का लालच देकर कट्टरपंथी बनाता है। वे एक्स-मुस्लिम, हिन्दू धार्मिक नेताओं, राजनेताओं और पुलिस कर्मियों को धमकी व हत्या करने को उकसाते हैं। भाजपा, आरएसएस कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर बम, ग्रेनेड, पेट्रोल बम से हमला करने के लिए भी प्रेरित करता है।
52 को दबोचा, 175 से पूछताछ
प्रदेश पुलिस की एटीएस और एसटीएफ इस नेटवर्क के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने स्व-विकसित और केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं को विकसित करने के बाद 26 मई 2026 को शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें करीब 175 संदिग्धों को खंगाला गया। इस दौरान जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले। जिसके बाद 12 एफआईआर दर्ज करते हुए 52 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ, मादक पदार्थ और आपत्तिजनक पोस्टर आदि बरामद हुए हैं। वहीं अब तक 60 संदिग्धों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही भी की गई है। वहीं स्वतंत्रता दिवस की संवेदनशीलता के दृष्टिगत जुटाई गई सूचनाओं और केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर बीती 12 अगस्त को प्रदेश स्तरीय संयुक्त ऑपरेशन चलाकर शहजाद भट्टी व उसके नेटवर्क के सक्रिय सदस्यों से जुड़े 62 लोगों को चिह्नित कर पूछताछ की।