भारत में दहशत फैलाने के मकसद से आतंकी शहजाद भट्ठी ने भारतीय युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। उन्हें सेना या पुलिस के जवान अथवा अधिकारी की हत्या करने का टास्क दिया गया था। एटीएस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके निशाने पर कोई खास जवान या अधिकारी नहीं था। जो भी मिलता, उसे गोली मार देते। हालांकि, कंधे पर रैंक वाले अधिकारी को निशाना बनाने को प्राथमिकता देने के निर्देश थे।
पाकिस्तानी हैंडलर्स ने हत्या के दौरान चार आरोपियों में से किसी एक को वीडियो बनाने का जिम्मा भी दिया था। वारदात का वीडियो पाकिस्तान भेजना था। इसके बदले हैंडलर्स ने तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। उनका मकसद वीडियो वायरल कर भारत में दहशत फैलाना था। हालांकि, एजेंसियों ने उनकी साजिश नाकाम कर दी।
लखनऊ में आरोपियों को पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी एजेंसी के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, वह सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा था। हथियार तस्करों ने उसे पिस्टल और कारतूस दिए थे, जिन्हें उसने हैंडलर्स के इशारे पर आरोपियों तक पहुंचाया। हथियार नेपाल के रास्ते भारत लाए जाने की जानकारी मिली है।
गिरफ्तार गगनदीप पंजाब में आर्म्स एक्ट के तहत जेल जा चुका है। वहीं, नाबालिग आरोपी पंजाब के एक थाने पर पेट्रोल बम से हमले की घटना में भी शामिल रहा है। इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
शहजाद भट्ठी नेटवर्क के खिलाफ जारी है कार्रवाई
शहजाद भट्ठी नेटवर्क के खिलाफ यूपी एटीएस अब तक एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज कर 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। उन्हें कस्टडी रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।