अभियंताओं से कीमत वसूलने का विरोध
अभी तक जलने वाले ट्रांसफार्मरों की संख्या के अनुसार अवर अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता और निदेशक स्तर तक जिम्मेदारी तय की गई थी। इसमें कारण बताओ नोटिस, निलंबन जैसी कार्रवाई शामिल थी। इस वर्ष पॉवर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता को कम से कम करने के लिए अभियंताओं से वसूली का आदेश दे दिया।
इसके तहत 10 से 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के जलने पर अवर अभियंता से 50, एसडीओ से 30, अधिशासी अभियंता से 20 फीसदी कीमत वसूली जाएगी। इसी तरह 100 से 250 केवीए के ट्रांसफार्मर के जलने पर अवर अभियंता से 40, एसडीओ से 40 और अधिशासी से 20 फीसदी कीमत वसूली जाएगी। इस आदेश को लेकर अभियंता विरोध कर रहे हैं।
ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता की क्या थी वजह
अभियंताओं का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने के कई कारण हैं। ओवरलोड से लेकर रखरखाव में लापरवाही के साथ ही अर्थिंग की जांच न होना, ट्रांसफार्मर में तेल न डालना, मरम्मत में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग करने से भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होते हैं।
| ट्रांसफार्मर की कीमत |
| एक एमवीए (1000 केवीए) के पाॅवर ट्रांसफार्मर की कीमत 11 से 15 लाख |
| तीन एमवीए के पॉवर ट्रांसफार्मर की कीमत 20 से 25 लाख |
| 100 केवीए तीन फेज के वितरण ट्रांसफार्मर की कीमत 1.50 से 2.50 लाख |
| 250 केवीए के वितरण ट्रांसफार्मर की कीमत 3.70 से 5.00 लाख |
| 100 केवीए के ऊपर वितरण ट्रांसफार्मर |
निगम वर्ष 2024-25 वर्ष 2025-26
| पूर्वांचल 2116 10.61% 1407 6.60% |
| मध्यांचल 2806 11.71% 1400 5.55% |
| दक्षिणांचल 1581 11.18% 1189 7.82% |
| पश्चिमांचल 1610 5.38% 944 2.98% |
| केस्को 302 5.84% 150 2.76% |
| कुल 8515 9.03% 5090 5.15% |
100 केवीए के वितरण ट्रांसफार्मर
निगम वर्ष 2024-25 वर्ष 2025-26
पूर्वांचल 3926 13.82% 3054 10.05%
मध्यांचल3674 12.42% 2269 7.43%
दक्षिणंचल 4698 12.69% 3995 10.34%
पश्चिमांचल 6262 9.9% 5317 8.27%
केस्को 4 0.35% 0.0 0.00%
कुल 18564 11.69% 14635 8.87 %
बिजली केंद्रों में लगने वाले पावर ट्रांसफार्मर
निगम वर्ष 2024-25 में वर्ष 2025-26
पूर्वांचल 39 1.88% 15 0.72%
मध्यांचल 54 3.03% 20 1.11%
दक्षिणांचल 29 1.56% 30 1.51%
पूर्वांचल 73 2.70% 14 0.51%
केस्को 2 1.05% 2 1.06%
कुल 197 2.29% 81 0.92%
अपने अपने तर्क
अध्यक्ष यूपी पावर कार्पोरेशन डा. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि अनुरक्षण कार्य कराने, अर्थिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने, नियमित तेल डालने, फ्यूज सेट, टेललेस यूनिट, ओवर लोडिंग रोकने आदि की व्यवस्था करने की वजह से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्तता में कमी आई है। नया आदेश अभियंताओं को जिम्मेदारी का अहसास कराने के लिए किया गया है। हमारी कोशिश है कि एक भी ट्रांसफार्मर जलने न पाए। इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
महासचिव अभियंता संघ जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने में लगातार कमी आई है। यह अभियंताओं की मेहनत का नतीजा है। इसके बाद भी ट्रांसफार्मर के जलने पर उसकी मरम्मत पर आने वाले खर्च की वसूली अभियंताओं से करने का आदेश गलत है। यह शोषण की श्रेणी में आता है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलने की जरूरत है। बार- बार मरम्मद कराने से उनकी उम्र नहीं बढ़ती है।