फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : सभी अस्पतालों के आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिलेगा समान मानदेय, वार्ड ब्वाय से लेकर चालक तक का मानदेय तय

Fri, 08 Apr 2022 12:09 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

श्रम विभाग ने अकुशल, अर्द्धकुशल एवं कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित मानदेय से अधिक मानदेय देने का फैसला किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्धारित मानदेय लागू कराने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन
लोहिया संस्थान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के सभी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग कर्मियों को अब समान मानदेय मिलेगा। जो श्रम विभाग की ओर से निर्धारित मानदेय से अधिक होगा। इसमें वार्ड ब्वाय से लेकर चालक तक का मानदेय तय किया गया है। इस संबंध में महानिदेशक स्वास्थ्य ने आदेश जारी कर दिया है।

विज्ञापन


दरअसल, प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पतालों में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानदेय हर जिले में अलग-अलग मिल रहा है। इसके विरोध में संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय ने कर्मचारियों का समान मानदेय तय करने के निर्देश दिए थे।

बीते दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में श्रम, कार्मिक, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों की हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। श्रम विभाग ने अकुशल, अर्द्धकुशल एवं कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित मानदेय से अधिक मानदेय देने का फैसला किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्धारित मानदेय लागू कराने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन


इस तरह मिलेगा मानदेय
पद    मानदेय (रुपये में)
वार्ड ब्वाय/आया    10706.91
चपरासी/अर्दली    9999.83
सफाई कर्मचारी    9302.20
मल्टी पर्पज वर्कर    11509.48
कुक, धोबी, माली    10706.91
प्लंबर     11177.44
कंप्यूटर सहायक, क्लर्क    12844.51
इलेक्ट्रीशियन    11316.16
वाहन चालक    11779.58

‘कर्मचारियों की एकजुटता का परिणाम’
नई व्यवस्था में मानदेय निर्धारित है। ईपीएफ , ईएसआई तथा सेवा प्रदाता फर्म के सर्विस चार्ज का अतिरिक्त भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा। मानदेय निर्धारण को लेकर संघ ने लगातार संघर्ष किया। सभी कर्मचारियों की एकजुटता का परिणाम है कि शासन ने मानदेय में इजाफा किया है। 
- रितेश मल्ल, प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ

‘50 हजार कर्मचारियों को लाभ’
नई व्यवस्था से लगभग 50 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। अब अन्य मांगों को लेकर भी एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। नए आदेश से अवैध कटौती भी रुकेगी। शासन को अब न्यायालय के आदेशानुसार आउटसोर्सिंग व्यवस्था की स्थायी नीति भी जल्द बनानी चाहिए।
विज्ञापन

- सच्चिदानंद मिश्रा, महामंत्री स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें