कोर्ट ने कहा है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा महिला की अस्मिता से जुड़ा है। इसके अलावा पीड़िता ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया है, जिससे बल मिलता है की वह डर गई होगी।
अपने ड्राइवर को काम के बहाने शहर के बाहर भेज कर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म करने और फोटो खींच कर ब्लैकमेल करने के आरोपों को लेकर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीष कुमार श्रीवास्तव ने थाना प्रभारी सआदतगंज को आदेश दिया है कि वह रिजवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें और तीन में कोर्ट में अपनी आख्या प्रस्तुत करें।
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कोर्ट ने कहा है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा महिला की अस्मिता से जुड़ा है। इसके अलावा पीड़िता ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया है, जिससे बल मिलता है की वह डर गई होगी। वसीम रिजवी के खिलाफ पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका पति सलमान हैदर पिछले 4 वर्षों से आरोपी के यहां ड्राइवर है। उसको गाड़ी लेकर वसीम रिजवी बाहर भेजा करते थे।
अर्जी में आरोप लगाया गया है कि पांच महीने पहले उसके पति ने फोन करके बताया था कि रिजवी उसे काम से लखनऊ के बाहर भेज रहे हैं। वह अगले दिन आएगा। इसके बाद उसी रात में करीब 10 बजे बजे वसीम रिजवी ने पीड़िता के घर आकर जबरदस्ती दुराचार किया एवं अश्लील फोटो खींचे तथा धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसके पति को जान से मार दिया जाएगा।
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पीड़िता ने कहा है कि पति की जान एवं बदनामी के डर से उसने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। अर्जी में कहा गया है इसके बाद पति के लखनऊ से बाहर होने पर आरोपी मौका पाकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती बलात्कार करता था। जिससे मजबूर होकर उसने गत 11 जून को पति को पूरी बात बताई तथा घटना की रिपोर्ट सआदतगंज थाने में दिया, लेकिन जब उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई तो घटना की पूरी जानकारी पुलिस कमिश्नर लखनऊ को दी गई। लेकिन फिर भी उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।