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यूपी: महिला आरक्षण पर बुलाया गया सत्र खत्म; विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित; सीएम बोले- मजहबी आरक्षण नहीं

Thu, 30 Apr 2026 07:46 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Women reservation: महिला आरक्षण विधेयक पर यूपी विधानसभा में एक दिन के लिए बुलाया गया विशेष सत्र खत्म हो गया। सरकार ने इस मौके पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। 
 
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सदन में बोलते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 महिला सशक्तीकरण पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में लंबी चर्चा के बाद नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के पक्ष में हमेशा रही है, लेकिन मजहबी आधार पर आरक्षण का लगातार विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। देश ने 1947 के विभाजन की त्रासदी देखी है, ऐसी परिस्थितियां दोबारा न उत्पन्न हों, यह सुनिश्चित करना हर जिम्मेदार राजनीतिक दल का कर्तव्य है और भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेगी।

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मजहबी आरक्षण का मुद्दा उठाकर वास्तविक उद्देश्य से ध्यान भटकाया
मुख्यमंत्री ने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर महिलाओं को मिलने वाले राजनीतिक अधिकारों को बाधित करने का प्रयास किया और मजहबी आरक्षण का मुद्दा उठाकर वास्तविक उद्देश्य से ध्यान भटकाया। देश के साथ इससे बड़ा द्रोह नहीं हो सकता, इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। आपके इस कृत्य की हम घोर निंदा करते हैं। हम इस बात के पक्षधर हैं कि अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़ी जाति से जुड़े लोगों को उनका अधिकार हर हाल में मिलना चाहिए। इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन विधेयक का विरोध करने से आपकी जो मंशा सामने आई है, उसकी हम निंदा करते हैं। आप लोगों ने इसकी आड़ में नारी शक्ति को नीति निर्धारण में मिलने वाले उनके अधिकारों से वंचित करने में मजहबी आरक्षण को आधार बनाया। आपका कहना है कि मुस्लिम आबादी के अनुरूप उनको आरक्षण मिलना चाहिए, मुझे लगता है कि देश के प्रति इससे बड़ा द्रोह कुछ नहीं हो सकता और आपके इस कृत्य की हम निंदा करते हैं। 

सीएम योगी ने सदन में रखा था प्रस्ताव
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भारतीय संविधान में लैंगिक समानता की स्पष्ट अवधारणा निहित है और एनडीए सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों में व्यापक अवसर प्रदान किए गए हैं। इसके बावजूद उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। महिलाओं को नीति-निर्धारण और निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी मिलनी चाहिए और इसी उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष 2023 में पारित किया गया। हालांकि, इस अधिनियम को शीघ्र लागू करने में कुछ बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, जिन्हें चिन्हित कर दूर करना आवश्यक है। सदन में दिनभर चली चर्चा के दौरान विभिन्न सदस्यों ने महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।

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दोनों सदनों के पटल पर रखे गए अध्यादेश

- उप्र लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) अध्यादेश, 2026
- उप्र राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026
- उप्र राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2026
- उप्र वानिकी और औद्योगिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2026
- उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2026
- उप्र निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026
 
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