इस तरह शासन बनवा रहा रोड डायरेक्ट्री
नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने बताया कि यह काम शासन के निर्देश पर हो रहा है। यूरिडा इसकी नोडल एजेंसी है। रोड डायरेक्ट्री बनाने को लेकर सर्वे हो चुका है। अब उस सर्वे का सत्यापन विभागों से कराया जा रहा है। जिसमें यदि सर्वे में सड़क के नाम और स्वामित्व को लेकर कोई बदलाव करना हो तो वह किया जा सके।
डायरेक्ट्री को जीआईएस मैप से लिंक जाएगा। सड़कों के बारे में आसानी से जानकारी लोगों को एक क्लिक पर मिल जाए इसके लिए रिमोट सेंसिंग विभाग की ओर से एक मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। जिसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कि उसमें किस तरह से सड़कों की जानकारी फीड की जाएगी।
कार्ययोजना बनाने में बहुत आसानी होगी
अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह ने बताया कि रोड डायरेक्ट्री में सहयोग और मोबाइल एप की ट्रेनिंग नगर निगम के इंजीनियर कर रहे हैं। इसके लिए जोन बार ट्रेनिंग हो रही है। रोड डायरेक्ट्री बनने से सड़कों को बनाने की कार्ययोजना बनाने में बहुत आसानी होगी।