जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज।
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देश में आर्थिक सुनामी आने के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि वो भ्रम के शिकार हैं। हमारा देश सोने की चिड़िया था पर मैं चाहता हूं कि हमारा देश सोने का सिंघ बने। उन्होंने कहा कि मेरी यही इच्छा है कि हमारा देश निर्यातक बने और किसी भी चीज का आयात न करे। देश समृद्ध और संप्रभुता सम्पन्न हो यही मेरी कामना है।
रामभद्राचार्य लखनऊ में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि साधु लोग नेतागिरी कर रहे हैं जबकि सभी को अपना धर्म का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ धर्म का कल्याण कर रहे हैं और अच्छा काम कर रहे हैं।
गाय विश्वमाता है, राष्ट्रमाता घोषित करने की आवश्कता ही नहीं
रामभद्राचार्य ने कहा कि हमने तो पहले ही कह दिया है कि गाय विश्वमाता है। अब इसे राष्ट्रमाता घोषित करने की जरूरत ही नहीं है और जो लोग कह रहे हैं कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो वो क्यों बकरीद पर गायें कटवाते हैं।
धर्म देखकर नहीं हो रहे एनकाउंटर
रामभद्राचार्य ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों का एनकाउंटर हो रहा है। धर्म देखकर किसी का एनकाउंटर नहीं हो रहा है।
रामभद्राचार्य का कहना है कि मंदिरों में वीआईपी कल्चर को खत्म करना चाहिए। मंदिर में हर एक व्यक्ति भगवान के लिए बराबर है। उन्होंने अफसोस जताया कि आज के दौर में कोई भी संस्कृत पढ़ ही नहीं रहा है। ये बड़ा दुर्भाग्य है। अगर संस्कृत का ज्ञान हो तो कोई व्यक्ति बेरोजगार नहीं रहेगा।