आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित ''संविधान हत्या दिवस'' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही उनके निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्या राम वर्मा, अजय सिंह और ओम प्रकाश गुप्ता को सम्मानित किया। इस मौके पर कई लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान झेली गई यातनाओं का दर्द भी साझा किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकार छीन लिए गए, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और मीडिया की आवाज दबा दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए यह कदम उठाया था।
उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं ने कभी कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष किया था, उनकी वर्तमान पीढ़ी आज उसी के साथ राजनीति कर रही है। योगी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।