मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) में उच्च पदों पर आसीन रहे पदाधिकारियों के अलावा यूपी के नौकरशाह व एक-दो संघ के पदाधिकारी इस साजिश में शामिल हैं। इंतजार करिये, जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
यह कहना है यूपी ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव आनंदेश्वर पांडेय का, जो महिला हैंडबॉल खिलाड़ी की ओर दुराचार की कोशिश में एफआईआर किए जाने के मामले पर पत्रकारों से रूबरू हुए। केडी सिंह बाबू स्टेडियम के सभागार में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और आरोप निराधार साबित होने तक वे भारतीय ओलंपिक संघ और राष्ट्रीय खेलों की किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
हैंडबॉल खिलाड़ी पहले भी अपने कोच पर ऐसे आरोप लगा चुकी है। आश्चर्य की बात है कि जिस दिन की यह घटना बताई जा रही है, उस दिन उसने किसी भी साथी खिलाड़ी को यह बात नहीं बताई। न ही अपने कोच को मामले से अवगत कराया। इतने दिनों के बाद मामला क्यूं उछाला जा रहा है। पांडेय ने कहा कि पूरे मामले के पीछे भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व सर्वोच्च पदाधिकारी, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पूर्व पदाधिकारी और कुछ एक-दो नौकरशाहों का हाथ है।
इसमें यूपी के एक खेल संघ के पदाधिकारी भी शामिल हैं। वर्तमान में मैं भारतीय ओलंपिक संघ में बड़े पद का दावेदार हूं। इसलिए मुझे रास्ते से हटाने का कुचक्र रचा गया है। जहां तक यूपी ओलंपिक एसोसिएशन के कार्यालय हटने का सवाल है तो मुझे क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी की ओर से पत्र मिल गया है। दो-तीन दिन में कार्यालय और स्टोर खाली हो जाएगा।