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एंबेसडकर कार नहीं तो लक्जरी 'इनोवा' दो!

Sat, 14 Mar 2015 01:25 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे के कमिश्नर और कलेक्टर एंबेसडर कार के स्थान पर लग्जरी इनोवा गाड़ी चाहते हैं। ऐसे में सरकार अब एंबेसडर कार के विकल्प में सात लाख रुपये कीमत तक की गाड़ी खरीदने से जुड़े अपने फैसले को बदलने पर विचार कर रही है। वहीं, जिला स्तरीय वरिष्ठ पीसीएस अफसरों को बोलेरो देने की तैयारी है।
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प्रदेश में शासन व जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पहले एंबेसडर कार मिलती थी। पिछले साल एंबेसडर की आपूर्ति बंद हुई तो जिलों से इसकी जगह नई गाड़ी खरीदने की अनुमति मांगी जाने लगी।

लघु उद्योग विभाग ने वित्त विभाग से लंबे विचार-विमर्श के बाद एंबेसडर के स्थान पर सात लाख रुपये की लागत की गाड़ियां खरीदने की अनुमति दी, लेकिन कई कमिश्नर और कलेक्टर ये गाड़ियां लेने को तैयार नहीं हुए।
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ये अफसर अपने रुतबे के हिसाब से सात लाख कीमत वाली गाड़ियों को मुफीद नहीं मानते।
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ये बहाने बना रहे हैं अफसर

किसी ने बरसात के दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में फील्ड की मुश्किलों का हवाला देकर तो किसी ने स्टाफ व गनर के भी साथ में होने का हवाला देकर अधिक सीटिंग क्षमता वाली लग्जरी गाड़ियों की मांग की।

इस पर राजस्व परिषद से प्रस्ताव मांगा गया तो वहां से इंडिगो माजा सहित कई गाड़ियों के नाम सुझाए गए, लेकिन अफसरों को ये गाड़ियां रास नहीं आईं। जानकार बताते हैं कि अब इनोवा खरीदने की अनुमति देने पर सहमति बन गई है।

चूंकि एंबेसडर कार के विकल्प की गाड़ी खरीदने के लिए सात लाख रुपये कीमत कैबिनेट ने तय की थी, लिहाजा इस सीमा को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी है। लखनऊ में इनोवा की कीमत 10 लाख रुपये से ज्यादा है।
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