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यूपी के अफसर बोले, नोटों से होता है उनका तनाव दूर

Thu, 11 Jun 2015 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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रुपये से क्या तनाव दूर होता है? सवाल अटपटा भले लगे, पर यह हकीकत है। रुपया यूपी के अफसरों का तनाव घटाता है। स्ट्रेस मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में आला अफसरों ने कहा-पैसे से तनाव दूर होता है। यही नहीं पैसे से एनर्जी भी मिलती है।
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आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से अफसरों के स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए बुधवार से तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसी दौरान अफसरों से तनाव दूर करने के उनके उपाय पूछे गए तो ज्यादातर ने बताया कि रुपया तनाव घटाने में मददगार होता है।
 
जब अफसरों से पूछा गया कि नेतृत्व करने वाले में क्या गुण होने चाहिए तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उनसे कहा गया कि वे आपस में चार-चार के समूह बनाकर चर्चा कर लें। समूह में चर्चा के बाद अफसरों ने लीडरशिप क्वालिटी के बारे में अपनी राय दी।
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आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमस ऑडिटोरियम में शुरू हुए स्ट्रेस मैनेजमेंट के कार्यशाला में अफसरों को तनाव से दूर रहने के टिप्स दिए।

कार्यक्रम की संचालिका जवाब से हैरान

अफसरों को बताया गया कि बिजी शिड्यूल और तनाव के बीच कैसे वे काम को बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

कार्यक्रम की संचालिका का कहना था कि 18 देशों में उन्होंने कार्यक्रम किया है और विभिन्न प्रदेशों के अफसरों को भी स्ट्रेस मैनेजमेंट के गुर सिखाए हैं, लेकिन ऐसा जवाब और कहीं नहीं सुनने को मिला।

गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमस ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को अफसरों को सबसे पहले स्ट्रेस मैनेजमेंट का महत्व बताया गया।

अपने दैनिक कार्य करते हुए किस तरह अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया जाए, इसके उपाय बताए गए। इसी तरह दैनिक कार्यों के दौरान होने वाले तनाव व उसमें खर्च होने वाली ऊर्जा के बाद किस तरह खुद को संयमित रखकर बेहतर परिणाम दिए जा सकें, इसके गुर सिखाए गए।
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सारा खेल श्वास लेने और रोकने पर निर्भर

संस्था के स्वामी समर्थ नारायण ने अफसरों को श्वास लेने और रोकने की क्रिया के साथ मस्तिष्क को संयमित करने और उसमें अधिक ऊर्जा का संचार करने की क्रिया बताई।

इसके बाद ऑडिटोरियम में कुर्सी पर जमे अफसरों को गद्दों पर बैठने को कहा गया। फिर उन्हें श्वास के जरिये ही पेट से लेकर सीने तक के अवयवों को अधिक फैलाने व उनके वायु का संचार लाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

बताया गया कि इस क्रिया से जहां पेट, फेफड़ा व सीना अधिक फैलेगा, वहां टॉक्सिक तत्व कम होते जाएंगे। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत, अनीता भटनागर जैन, प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल, मुकेश मेश्राम, अनीता मेश्राम, भुवनेश कुमार, एल. मौजूद थे। इनके अलावा डीजी सूर्य कुमार, एडीजी चंद्र प्रकाश, सुतापा सान्याल, आईजी सुजीत पांडेय मौजूद थे।
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