- संचालन संबंधी सब्सिडी जैसे किराया, बैंडविड्थ, बिजली शुल्क और डाटा सेंटर के तौर पर 20% की सब्सिडी मिलेगी। शुरू में 40 करोड़ तक प्रतिवर्ष और फिर 80 करोड़ तक प्रतिवर्ष, पांच वर्षों तक।
- प्रदेश के कर्मचारियों के लिए 1.8 लाख और दूसरे राज्यों के कर्मचारियों के लिए 1.2 लाख प्रति वर्ष तक वेतन प्रतिपूर्ति। अधिकतम 20 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों के लिए।
- प्रदेशवासियों और यूपी के कॉलेजों से स्नातक प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 20 हजार रुपये, कम से कम 30 भर्तियों के साथ, पांच वर्षों तक प्रतिपूर्ति।
- महिलाओं, एससी/एसटी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए ईपीएफ अंशदान की 100% प्रतिपूर्ति, अधिकतम 1 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- कम से कम दो माह की इंटर्नशिप पर 50% सब्सिडी, 5000 प्रति छात्र प्रतिमाह तक, अधिकतम 50 इंटर्न प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- 50,000 प्रति कर्मचारी प्रशिक्षण शुल्क या प्रशिक्षण लागत का 50%, अधिकतम 500 कर्मचारियों के लिए, 50 लाख प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- विकास एवं अनुसंधान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 10 करोड़ तक अनुदान।
- बौद्धिक संपदा अधिकार के घरेलू पेटेंट के लिए अधिकतम 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 10 लाख तक की 100% प्रतिपूर्ति।
- राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण या अन्य राज्य एजेंसी से 30 से 50 फीसदी भूमि सब्सिडी।
- भूमि खरीद पर 100% स्टांप छूट या प्रतिपूर्ति।
- पात्र पूंजी निवेश का 25%, शुरू में 10 करोड़ और एडवांस के लिए 25 करोड़ तक, सात वर्षों में।
- पूंजीगत वस्तुओं पर राज्य जीएसटी की प्रतिपूर्ति
-टर्म लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी, अधिकतम एक करोड़ प्रतिवर्ष, पांच वर्षों तक।