मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अमल करते हुए ऊर्जा विभाग ने अल्पकालिक (शॉर्ट-टर्म) ओपन एक्सेस के जरिए बिजली प्राप्त करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करा दी है। इससे औद्योगिक इकाइयों को बिजली प्राप्त करने में आसानी होगी। उद्योग जगत लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहा था।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार ने बताया कि पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ओपन एक्सेस विद्युत उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही उपलब्धता आधारित टैरिफ (अवेलेबिलिटी बेस्ड टैरिफ.-एबीटी) मीटर लगाने के लिए अनुमति, निरीक्षण व स्थापना की स्वीकृति की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करा दी है। इसके लिए ‘ऑनलाइन एबीटी पोर्टल’ को यूपीपीटीसीएल की वेबसाइट से जोड़ दिया गया है। एबीटी मीटर, खासतौर से ओपन एक्सेस के जरिए बिजली की आपूर्ति के लिए ऊर्जा अनुश्रवण और बिलिंग बल्क इंटर यूटिलिटी पावर फ्लो की सुविधा देते हैं। अब शॉर्ट-टर्म ओपन एक्सेस विद्युत का लाभ उठाने के इच्छुक लोग तय आवेदन प्रारूप (एसटी-11) पर पंजीकरण कर ऑनलाइन अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए राज्य भार प्रेषण केंद्र (यूपीएसएलडीसी) के वेबपोर्टल पर जाना होगा।
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि कोविड-19 कालखंड के बाद उद्योगों को अपनी संचालन लागत कम करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इनपुट लागत में बिजली की अहम हिस्सेदारी है। ओपन एक्सेस की प्रक्रिया को सुगम बनाने से विशेष रूप से मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों को विद्युत प्राप्त करने का सस्ता व वैकल्पिक स्रोत प्राप्त होगा।
अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में 63 शॉर्ट-टर्म ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें 58 सक्रिय हैं। इस व्यवस्था में स्वीकृत कुल 347.56 मेगावाट बिजली में से उद्योगों द्वारा 224.42 मेगावाट का उपयोग किया गया है। ओपन एक्सेस के लिए पंजीकरण तथा एबीटी मीटरों की स्थापना के लिए ऑनलाइन सुविधा देकर प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप कम कर दिया गया है।