एक विश्वविद्यालय के अधिकारी ने बताया कि अभी की व्यवस्था में विश्वविद्यालय या कॉलेज अपने नाम से कनेक्शन लेते हैं। इसके बाद वे कर्मचारियों को लिंक कनेक्शन देते हैं। इसमें सभी को एक सामान्य चार्ज पर बिजली दी जाती है। जबकि कार्मिक अपने यहां बिजली का भारी प्रयोग करते हैं। इसकी वजह से बिजली विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि वह सीधे कनेक्शन देने के लिए प्रयास कर रहा है।
सुधार होगा और कम प्रयोग करने वाले को फायदा भी
- इस व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालयों या संस्थानों में अभी तक उनका ट्रांसफार्मर लगा होता है। इस व्यवस्था के तहत लोड बढ़ने पर बिजली विभाग नया ट्रांसफार्मर लगाएगा और लाइन व्यवस्था में भी सुधार करेगा।
- जितना प्रयोग, उसके अनुसार बिल लिया जाएगा। इससे कम प्रयोग करने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा। कुछ विश्वविद्यालयों व संस्थानों में इसकी कवायद शुरू की गई थी लेकिन पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पाई है।