Sanjay Nishad: विधानसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी है। बुधवार को दिल्ली में इसको लेकर महारैली है।
विधानसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी 21 अक्तूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित कर मझवार-तुरैहा की उपजातियों को परिभाषित कर अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग उठाएगी। पार्टी शक्ति प्रदर्शन कर दिल्ली से यूपी का सियासी समीकरण साधेगी।
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निषाद पार्टी के लिए आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली में समाज के लोगों को जुटाने की पहल को इसी मुद्दे पर अपनी ताकत दिखाने और केंद्र सरकार तक मांग पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एक तरह से भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश है। पार्टी चाहती है कि निषाद समाज की उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के सवाल पर निर्णय की दिशा में पहल हो।
गठबंधन में रहते हुए अपने मुद्दे पर जोर
पार्टी के अध्यक्ष व मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा के साथ आई थी और आज भी गठबंधन में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस मांग का समाधान निकलेगा। इस तरह पार्टी ने गठबंधन से अलग होने का संकेत दिए बिना अपने प्रमुख मुद्दे पर सरकार से अपेक्षा जताई है। दिल्ली का यह कार्यक्रम निषाद पार्टी के लिए आरक्षण की मांग दोहराने के साथ अपने समर्थकों को एकजुट करने का अवसर भी है।