नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए डीजीपी मुख्यालय ने पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। बृहस्पतिवार को होने वाली मतदान की प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय के चुनाव प्रकोष्ठ ने प्रदेश के समस्त जनपदों के मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का विविध कारकों के आधार पर आकलन करते हुए अति संवेदनशील प्लस तथा अति संवेदनशील मतदान केंद्रों एवं मतदेय स्थलों का चिन्हीकरण करते हुए पुलिस प्रबंध किए है।
पुलिस बल का आवंटन
- 19,880 निरीक्षक एवं उप निरीक्षक
- 1,01,477 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी
- 47,985 होमगार्डस स्वयंसेवक
- 86 कंपनी, दो प्लाटून अर्द्धसैनिक बल
- 35 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल
- 7500 प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक
पुलिस के साथ पीएसी और अर्धसैनिक बल भी तैनात
नगर निकाय चुनाव को लेकर पुलिस ने भी कमर कस ली है। सुरक्षा को लेकर सारे बंदोबस्त पूरे कर लिए गए हैं। मंगलवार को पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर ने पुलिस लाइन में चुनाव को लेकर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। सुपर, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई गई है।
चार अप्रैल को वोटिंग होगी। इसमें 114 मतदान केंद्र संवेदनशील, 145 अति संवेदनशील और 75 केंद्र अतिसंवेदनशील प्लस की श्रेणी में हैं। हर बूथ पर पुलिस वालों की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर 178 इंस्पेक्टर, 1371 दरोगा, 350 ट्रेनी दरोगा, 9225 सिपाही, 5498 होमगार्ड, 5 कंपनी व एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। इसके अलावा गैर जनपद से 291 दरोगा, 208 सिपाही भी बुलाए गए हैं।
हर थाने पर दो-दो के हिसाब से 94 क्यूआरटी मतदान के वक्त इलाके में गश्त करेगी। वहीं 133 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 35 जोनल मजिस्ट्रेट और 12 सुपर नोडल मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 10 डीसीपी, 11 एडीसीपी, 23 एसीपी और एक कंपनी बीएसएफ और अर्धसैनिक बल भी तैनात रहेंगे। चुनाव के दिन शराब व बीयर की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को चुनाव से 24 घंटे पहले से ही एक्टिव रहने और इलाके में गश्त करने की हिदायत दी है। साथ ही मतदान के दौरान किसी भी तरह की किसी भी शिकायत पर फौरन उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।