कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में 10 वीं तक के स्कूल मकर संक्रांति तक बंद करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश निजी और सरकारी दोनों स्कूलों के लिए लागू होगा। इस दौरान टीकाकरण जारी रहेगा। साथ ही बृहस्पतिवार से रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू का समय दो घंटे बढ़ा दिया जाएगा। अभी तक रात्रि कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 5 तक था वहीं बृहस्पतिवार से यह रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया जाएगा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 9 के साथ बैठक में यह निर्णय लिया। फिलहाल प्रदेश में सप्ताहांत कोरोना कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा। लेकिन ऐसी जगहों पर बंदिशें बढ़ाई जाएंगी जिन जिलों में कोरोना के सक्रिय मामले एक हजार से अधिक होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 से अधिक सक्रिय मामले वाले जिलों में जिम, स्पा, सिनेमा हाल, बैंक्वेट हाल, रेस्टोरेंट 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे। शादी समारोह में बंद स्थानों पर एक समय में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे और खुले स्थानों पर कुल क्षमता का 50 फीसद लोगों के शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। सैनिटाइजर और मास्क का प्रयोग अनिवार्य करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर कोरोना के मामलों के बढ़ने की रफ्तार यही रही तो आने वाले दिनों में सप्ताहांत कोरोना कर्फ्यू भी लागू किया जा सकता है।
ओमिक्रॉन के 23 नए मरीज, अब 31 केस
प्रदेश में मंगलवार को ओमिक्रॉन के 23 नए मरीज मिले हैं। इसमें आठ लखनऊ और पांच मेरठ के हैं। गाजियाबाद में तीन, मुरादाबाद में दो, कानपुर नगर में दो, आगरा में दो एवं महराजगंज में एक मरीज मिला है। प्रदेश में ओमिक्रॉन मरीजों की संख्या अब 31 हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीनोम सीक्वेंसिंग का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और एसजीपीजीआई लखनऊ में भी यह सुविधा बढाई जा रही है। अभी बीएचयू, केजीएमयू, सीडीआरआई, आईजीआईबी, राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ में पहले से ही जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था है।
हर दिन तीन से चार लाख सैंपल की जांच के मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि हर दिन तीन से चार लाख लोगों की कोविड जांच की जाए। उन्होंने ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीट के फार्मूले को अपनाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री मंगलवार को कोविड की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं। क्वालिटी टेस्टिंग अनिवार्य है। हर जिले के नोडल अधिकारी अपने संबंधित जिलों से संवाद करें। हर स्थिति पर सीधी नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डों में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां कियाशील रहें। घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिह्नित किया जाए। उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।
माघ मेले में आरटीपीसीआर जांच जरूरी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रयागराज माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता लागू की जाए। कल्पवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।